भड़काऊ भाषण देने वाले मतीन शेखानी अड़ा अपनी जिद पर, कहा-माफी मांगने का सवाल ही नहीं
नई दिल्ली। बीते दिनों से मस्जिद में लाउडस्पीकर लगाने को लेकर पूरे देश में संग्राम छिड़ा हुआ है। एक तरफ जहां मस्जिद में लाउडस्पीकर लगाकर अजाने पढ़ने का विरोध कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ अजान के विरोध में हनुमान चालीसा का पाठ पढ़ने को लेकर स्वर तेज उठाने लगा है। कई राज्यों में अब मंदिर के ऊपर लाउडस्पीकर लगाए जा रहे है। सभी पार्टियां इसको लेकर सियासत भी जमकर कर रही है।
बता दें कि लाउडस्पीर को लेकर बहस की शुरूआत महाराष्ट्र नवनिर्माण पार्टी प्रमुख राज ठाकरे ने यह कह शुरू की थी कि अगर मस्जिद में लाउडस्पीकर से अजान देने का सिलसिला बंद नहीं हुआ, तो विरोध में लाउडस्पीकर से हनुमान चालीसा पढ़ा किया जाएगा। हालांकि, इसके बाद उन्होंने मनसे कार्यालय में बकायदा लाउस्पीकर से हनुमान चालीसा भी बजवाया था। इसी मसले को लेकर अब पीएफआई नेता मतीन शेखानी ने भड़काऊ भाषण दिया। उन्होंने कहा कि हमें छोड़ेगो तो हम छोड़ेंगे नहीं।
उन्होंने यह बयान मस्जिद में लाउडस्पीकर बजाकर अजान देने के संदर्भ में दिया था। हालांकि विवाद बढ़ने के बाद महाराष्ट्र पुलिस ने मतीन शेखानी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। इसी बीच पूरे मामले को लेकर मतीन शेखानी ने एबीपी न्यूज से बातचीत की। उनके भड़काऊ बयान पर जब एंकर ने सवाल किया कि जो भाषण अपने दिया उसी पर मांफी मागेंगे। जिस पर मतीन शेखानी ने जवाब देते हुए कहा कि वो माफी नहीं मागेंगे। माफी मांगने का सवाल ही नहीं है।
इससे पहले राजधानी दिल्ली में सीएए को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान भी पीएफआई का नाम सामने आया था। कथित तौर पर पीएफआई सीएए के विरोध में राजधानी दिल्ली सहित उत्तर प्रदेश में हिंसा भड़काने का काम किया था। इसके अलावा बीते दिनों राजस्थान के करौली हिंसा में भी पीआईएफ का नाम सामने आया था।
