क्या यूपी में होने वाला है बड़ा उलटफेर? , आजम खान को लेकर मायावती के ट्वीट के बाद बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी, जानिए क्या कहा
नई दिल्ली। रामपुर से विधायक और सपा के कद्दावर मुस्लिम चेहरा माने जाने वाले आजम खान बीते दो सालों से जेल में बंद हैं। आजम खान पर करीब 80 मुकदमे अभी भी चल रहे हैं। हालांकि इन दो सालों में सपा प्रमुख अखिलेश यादव महज एक बार आजम खान से मिलने जेल गए हैं। यही कारण भी है कि बीते कुछ समय से आजम खान के सपा और अखिलेश यादव के साथ नाराजगी की खबरें चर्चा में बनी हुई है। वहीं, अब इन खबरों के बीच समाजवादी पार्टी विधायक आजम खान को बसपा प्रमुख मायावतीका साथ मिलता दिख रहा है।
गुरुवार को मायावती ने आजम खान के पक्ष में आते हुए भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। आजम खान पर एक और केस होने के बाद ईडी की कार्रवाई को लेकर हमलावर होते हुए मायावती ने एक के बाद एक तीन ट्वीट कर बीजेपी और कांग्रेस पार्टी को एक समान बताया। अपने ट्वीट में मायावती ने लिखा, “यूपी और अन्य बीजेपी शासित राज्यों में भी, कांग्रेस की ही तरह, टारगेट करके गरीबों, दलितों, आदिवासियों और मुस्लिमों को जुल्म-ज्यादती की जा रही है। जिससे जुल्म-ज्यादती और भय आदि का शिकार बनाकर उन्हें परेशान किया जा रहा है। यह अति-दुःखद, जबकि दूसरों के मामलों में इनकी कृपा दृष्टि जारी है।”
अपने अगले ट्वीट में मायावती ने लिखा, “क्रम में यूपी सरकार द्वारा अपने विरोधियों पर लगातार द्वेषपूर्ण, इसी क्रम में यूपी सरकार द्वारा अपने विरोधियों पर लगातार द्वेषपूर्ण और वरिष्ठ विधायक आजम खान को करीब सवा दो वर्षों से जेल में बंद रखने का मामला काफी चर्चाओं में है। लोगों की नजर में न्याय का गला घोंटना नहीं तो और क्या है?”
आगे मायावती ने लिखा, “देश के कई राज्यों में जिस प्रकार से दुर्भावना और द्वेषपूर्ण रवैया अपनाकर प्रवासियों और मेहनतकश समाज के लोगों को अतिक्रमण के नाम पर भय करने के साथ ही आतंक का शिकार बनाया जा रहा है। उनकी रोजी-रोटी छीनी जा रही है। वह अनेकों सवाल खड़े करता है, जो अति-चिन्तनीय भी है।” आपको बता दें, बीते कुछ समय समय से सीतापुर जेल में बंद सपा विधायक की जमानत को लेकर चर्चा जोरों पर है। हालांकि ये पहला मौका है जब मायावती ने आजम खान के समर्थन में आते हुए बीजेपी सरकार पर सवाल खड़े किए हैं।
