April 21, 2026

Hind foucs news

hindi new update

ओम प्रकाश चौटाला को लेकर आई ये बुरी खबर, कोर्ट ने सुनाई 4 साल की सजा, लगाया इतने लाख रुपए का जुर्माना

नई दिल्ली। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। खबर है कि उन्हें आय से अधिक संपत्ति के मामले राउज एवेन्यू स्थित अदालत ने 4  साल की सजा व 50 लाख रूपए का जुर्माना भी लगाया है। बता दें कि यह मामला अदालत में पिछले कई दिनों ही विचाराधीन था। जिसे लेकर आज स्थित स्पष्ट हो चुकी है। इसके साथ ही सीबीआई अदालत ने चौटाला की चार संपत्तियों को जब्त करने का भी निर्देश दिया है। चौटाला को मिली सजा ने  हरियाणा की राजनीति में उबाल लाकर रख दिया है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पिछले कई दिनों से इस मामले को लेकर सुनवाई चल रही थी, जिस पर आज फैसला सुनाया गया है। इससे पहले विगत 21 मई को धनशोधन अधिनियम के तहत कई धाराओं में चौटाला को दोषी करार दिया गया था। हालांकि, चौटाला के वकील ने सुनवाई के दौरान अपने मुवक्किल को स्वास्थ्य पर ध्यान देने हेतु विशेष समय और राहत देने की मांग की है।

उनके वकील ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्वास्थ्य दिक्कतों के कारण चल फिर भी नहीं सकते हैं। वे अपनी दैनिक क्रियाओं को भी खुद करने में असमर्थ हैं। उन्हें किसी भी काम करने हेतु सहायता की दरकार होती है, लिहाजा उन्हें सजा में कोई नरमी बरती जाए, लेकिन कोर्ट ने जिस तरह पूर्व मुख्यमंत्री को सजा सुनाई है, उससे तो यह बिल्कुल भी साफ जाहिर नहीं होता है कि उन्हें किसी भी प्रकार की नरमी नहीं दी गई है। अब ऐसी स्थिति में आगे चलकर यह पूरा मामला क्या कुछ रुख अख्तियार करता है।

यह तो फिलहाल आने वाला वक्त ही बताएगा। लेकिन फिलहाल इस पूरे मसले को लेकर हरियाणा की राजनीति में उबाल मचा हुआ है। चौटाला के वकील ने कहा कि मेरे मुवक्किल 90 फीसद दिव्यांग हैं , व इससे पूर्व टिचर भर्ती घोटाला के मामले सजा काटने के दौरान उनका दौराया काफी अच्छा रहा था। इतना ही नहीं, जेल में रहने के दौरान उन्होंने 10वीं और 12वीं भी कक्षा की उत्रीर्ण की थी। इतना ही नहीं, अब वह उच्च शिक्षा ग्रहण करने की दिशा में भी योजना तैयार कर रहे हैं। सीबीआई की जांच के मुताबिक, चौटाला की संपत्ति में 189 फीसद का इजाफा दर्ज किया गया है।

आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच के दौरान सीबीआई ने कोर्ट में आरोपपत्र भी दाखिल किए थे। जिसमें पूरा ब्योरा दर्ज था। ध्यान रहे कि आय से अधिक संपत्ति के मामले के अलावा चौटाला टिचर भर्ती घोटाला मामले भी सजायाफ्ता कर रह चुके हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *