June 21, 2026

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अग्निपथ योजना पर NSA अजित डोभाल का पहला बयान, कहा-जो हम कल कर रहे थे अगर वही…

नई दिल्ली। केंद्र सरकार की सेना में भर्ती की अग्निपथ योजना को लेकर बवाल देखने को मिल रहा है। इस योजना को लेकर देश में छात्रों ने सड़क पर उतकर जमकर बवाल काटा था। प्रदर्शनकारी युवकों ने बसों- ट्रेनों के साथ सरकारी संपत्तियों को जमकर नुकसान पहुंचाया था। वहीं योजना को लेकर उपद्रवी करने वाले युवाओं के खिलाफ पुलिस ने कड़ी कार्रवाई भी। देश के अलग-अलग राज्यों से करीब एक हजार से ज्यादा उपद्रव मचाने वालों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं सरकार और तीन सेनाओं की ओर से अग्निपथ योजना को लेकर छात्रों का भ्रम भी दूर किया। इसके साथ ही सेना ने साफ कर दिया कि अग्निपथ योजना को वापस नहीं लिया जाएगा। इसी बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का अग्निपथ भर्ती योजना पर प्रतिक्रिया सामने आई है।  इंटरव्यू में अजीत डोभाल ने अग्निपछ योजना को लेकर भ्रम फैलाने वालों की बड़ी ही बेबाकी से जवाब दिया है।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कहा कि, ”हम कल कर रहे थे अगर वही हम भविष्य में भी करते रहे तो हम सुरक्षित रहेंगे ये संभंव नहीं। यदि हमें कल की तैयारी करनी है तो हमें परिवर्तित होना पड़ेगा। आवश्यक इसलिए था क्योंकि भारत में, भारत के चारों तरफ माहौल बदल रहा है। दूसरा इसको परिपेक्ष में देखना जरूरी है। उन्होंने आगे कहा कि, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2014 में सत्ता में आए, तो उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता थी कि कैसे भारत को सुरक्षित रखा जाए।”

NSA अजीत डोभाल ने कहा कि, ”अकेले अग्निवीर पूरी आर्मी कभी नहीं होंगे, अग्निवीर सिर्फ पहले 4 साल में भर्ती किए गए जवान होंगे। बाकी सेना का बड़ा हिस्सा अनुभवी लोगों का होगा। जो अग्निवीर नियमित होंगे(4 साल बाद) उन्हें घनिष्ठ ट्रेनिंग दी जाएगी।” इस दौरान अजीत डोभाल ने अग्निपथ योजना को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि, इसमें दो तरह के प्रदर्शन हो रहे हैं, एक तो वे हैं जिन्हें चिंता है, वो देश भक्त भी है उन्होंने देश की सेवा भी की है और देश की सेवा के लंबे समय तक अपनी जान की बाजी भी लगाई है। जब भी कोई परिवर्तन आता है कुछ चिंताएं उसके साथ आती हैं। हम इसको समझ सकते हैं। जैसे-जैसे इन लोगों को पूरी बात की सूचना के बारे में पता चल रहा है और भी बातें वे समझ रहे हैं। कि ये तो हमारी बड़ी पुरानी आवश्यकता थी। धीरे-धीरे उनके अंदर भय और आकांक्षाए है वो धीरे-धीरे कम आ रही है।”

आगे उन्होंने इस योजना को लेकर भ्रम और राजनीति करने वालों को भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि, एक दूसरे जो वर्ग है उसका न कोई राष्ट्र से मतलब है न राष्ट्र की सुरक्षा से मतलब है और न वो राष्ट्र के प्रति समर्थित है।

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