June 20, 2026

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टीएमसी के 20 बागी सांसदों के मुद्दे पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिले अभिषेक बनर्जी

नई दिल्ली। टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में आज पार्टी के अन्य सांसदों ने आज लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की। यह मुलाकात टीएमसी के 20 बागी सांसदों के ‘नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया’ (NCPI) में विलय की घोषणा के सिलसिले में हुई है। स्पीकर से मिलने के बाद अभिषेक बनर्जी ने पत्रकारों को बताया कि संविधान के 10वीं अनुसूची में जो प्रावधान है उसी आधार पर मैं ओम बिरला से मिलने आया हूं। दसवीं अनुसूची की धारा 2(a) में स्पष्ट कहा गया है कि यदि कोई सदस्य स्वेच्छा से अपनी पार्टी की सदस्यता छोड़ देता है, तो यह सदन से अयोग्य ठहराए जाने का आधार बन जाता है। अभिषेक बनर्जी ने बताया कि 20 सांसदों के खिलाफ अलग-अलग डिस्क्वालिफेकशन पिटीशन मैंने लोकसभा स्पीकर को दी हैं।

बनर्जी ने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर आप किसी और पार्टी में शामिल हुए हैं तो इसका मतलब आपने तृणमूल छोड़ी। अब अगर आप किसी सिंबल पर चुनाव जीतकर आए हैं और दो साल बाद किसी दूसरी पार्टी में ज्वाइन करते हैं तो इस आधार पर उनकी लोकसभा सदस्यता रद्द होनी चाहिए। दूसरा जो टीएमसी के बागी सांसदों का तर्क है कि हमने तो ‘नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया’ के खिलाफ मर्ज किया है तो दसवीं अनुसूची के चौथे नंबर पर यह साफ लिखा हुआ है कि मर्जर तभी माना जाएगा जब पूरी पार्टी के दो तिहाई लोग मर्जर करें। तृणमूल के जितने भी पदाधिकारी हैं उनमें से दो तिहाई जब दूसरी पार्टी ज्वाइन करेंगे तो इसको मर्जर कहा जाएगा।

अभिषेक बनर्जी ने कहा कि हमने यह मांग की है कि इस मामले में जल्द से जल्द स्पीकर निर्णय लें। जिन सांसदों को तृणमूल से दिक्कत है वो इस्तीफा दे दें। दोबारा चुनाव होगा तो जिस पार्टी से उनको टिकट मिले उससे लड़ें और फिर जीतकर आएं। अभिषेक बनर्जी के साथ टीएमसी सांसद सौगत रॉय, कल्याण बनर्जी, महुआ मोइत्रा और डेरेक ओ’ब्रायन भी स्पीकर से मुलाकात करने पहुंचे थे।

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