‘पीओके को वापस लाने का काम सिर्फ पीएम मोदी कर सकते हैं’, केंद्रीय मंत्री जीतेंद्र सिंह बोले- इस बारे में केंद्र का रुख दृढ़
नई दिल्ली। ये सवाल हमेशा उठता है कि भारत कब पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) को वापस लेगा? संसद में भी मोदी सरकार से विपक्ष इस बारे में पूछ चुका। जिस पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने ये तक कहा था कि पीओके के लिए जान तक दे देंगे। अब केंद्रीय मंत्री जीतेंद्र सिंह ने कहा है कि पीओके को वापस लेने के लिए केंद्र सरकार का रुख दृढ़ है। जीतेंद्र सिंह ने कहा कि सिर्फ पीएम नरेंद्र मोदी को ऐसे नेता के रूप में देखा जाता है, जो पीओके को वापस भारत से जोड़ने के मामले को सुलझा सकते हैं। जीतेंद्र सिंह का ये बयान इस मायने में अहम है क्योंकि आजकल पीओके में पाकिस्तान की सरकार और सेना के खिलाफ लोग आंदोलन कर रहे हैं।
न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में मोदी सरकार में मंत्री जीतेंद्र सिंह ने साल 1994 में संसद में सभी की सहमति से पारित प्रस्ताव का महत्व बताया, जिसमें जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पूरे इलाके को भारत का अभिन्न अंग बताया गया था। जीतेंद्र सिंह ने इस प्रस्ताव के पास होने में बीजेपी की सकारात्मक भागीदारी का भी उल्लेख किया। जीतेंद्र सिंह ने कहा कि पाकिस्तान लंबे वक्त से पीओके में रहने वालों से दूसरी श्रेणी के नागरिकों की तरह व्यवहार कर रहा है। मोदी सरकार में मंत्री ने कहा कि 1994 के प्रस्ताव में एकीकृत भारत के नजरिए को साकार करने का संकल्प सिर्फ पीएम मोदी पूरा कर सकते हैं।
उन्होंने साफ किया कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग था, है और रहेगा। जीतेंद्र सिंह ने कहा कि पाकिस्तान से सिर्फ यही मुद्दा अनसुलझा है कि भारतीय क्षेत्रों पर पड़ोसी देश के अवैध कब्जे को खत्म कराकर उनकी वापसी हो। हालांकि, जीतेंद्र सिंह ने इस बारे में कुछ नहीं कहा कि पीओके की वापसी की दिशा में मोदी सरकार किस तरह का कदम उठा सकती है। हालांकि, सभी मानते हैं कि बिना सैन्य कार्रवाई के पीओके को वापस लेना संभव नहीं है। क्योंकि पाकिस्तान हमेशा दावा करता है कि पूरा कश्मीर ही उसका है। बता दें कि पाकिस्तान सेना ने कबायलियों का रूप धरकर 1948 में जम्मू-कश्मीर पर हमला किया था। फिर संयुक्त राष्ट्र में मसला जाने के बाद उसने कुछ हिस्से पर कब्जा कर रखा है।
