Gujrat Riot: ‘मोदी जी SIT के सामने नाटक नहीं करते थे’,गुजरात दंगे मामले में अमित शाह ने लगाई राहुल की क्लास
नई दिल्ली। पता ही होगा आपको कि जब ईडी ने राहुल गांधी को नेशनल हेराल्ड मामले में पूछताछ हेतु तलब किया था, तो कैसे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मिर्ची लग गई थी। एक नहीं, दो नहीं, तीन नहीं, चार भी नहीं, बल्कि पूरे देश के कांग्रेसी कार्यकर्ता सड़क पर आकर हिंसा पर उतारू हो गए थे। सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाने लगे। आगजनी सरीखी गतिविधियों को अंजाम देने लगे। इतना ही नहीं, कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं और नेताओं ने ईडी की कार्रवाई को साजिश तक करार दिया था, लेकिन मजाल हो कि कांग्रेस के किसी वरिष्ठ नेता ने अपने कार्यकर्ताओं को यह कहने की जहमत उठाई हो कि मेहरबानी करके विरोध प्रदर्शन की आड़ में हिंसा जैसी गतिविधियों को अंजाम देने से गुरेज करें। जवाब बिल्कुल स्पष्ट है, नहीं, किसी भी कांग्रेसी नेता ने ऐसा करने की जरूरत नहीं समझी। उधर, हंसी तो तब आती है, जब ये कांग्रेसी सत्याग्रह करने की ढोंग रचते हैं। खैर, छोड़िए, इन मुद्दों को, अब आप इतना सब कुछ पढ़ने के बाद मन ही मन सोच रहे होंगे कि आखिर ऐसा क्या हो गया कि आप इस रिपोर्ट में कांग्रेस की क्लास लगा रहे हैं। आखिर माजरा क्या है। तो माजरा ये है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात दंगे को लेकर राहुल गांधी पर न तो निशाना साधा है, और न ही हमला बोला है और ना ही उनकी क्लास लगाई है, बल्कि यह कहना मुनासिब रहेगा कि उनको आईना दिखाया है।
जी बिल्कुल…सही पढ़ा आपने… ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं कि क्योंकि अभी हाल ही में सुप्रीम कोर्ट की तरफ से पीएम मोदी को दी गई क्लीनचिट पर अमित शाह का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राहुल गांधी की तरह नहीं किया था, बल्कि उन्होंने हर जांच का सहयोग किया था। शाह ने आगे कहा कि पीएम मोदी ने कभी राहुल गांधी की तरह नाटक नहीं किया। आपको बता दें कि अमित शाह ने राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा कि पीएम मोदी ने कभी-भी एसआईटी से हुई पूछताछ के दौरान नाटक नहीं किया। उन्होंने कभी अपने समर्थन में कार्यकर्ताओं को नहीं बुलाया। गांव-गांव से आओ। वो न आएं तो एमएलए को बुला लो। सांसदों को बुला लो। पूर्व सांसदों को बुला लो।
अमित शाह ने गुजरात दंगे के संदर्भ में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में जांच हुई थी। जिसमें पीएम मोदी को क्लीचिट दे दी गई। इसके बाद कोर्ट के निर्देश पर एसआईटी का गठन किया गया था, लेकिन देखिए कि एसआईटी की जांच ने भी हमें क्लीनचिट ही दिया था। हम उनका समर्थन करते हैं, लेकिन देश के कुछ राजनीतिक दलों को ये बात हजम नहीं हुई थी। बता दें कि शाह ने आगे कहा कि मैंने पीएम मोदी के दर्द को करीब से देखा है, लेकिन मैं एक बात साफ कह देना चाहता हूं कि आज सत्य की जीत हुई है।
