July 16, 2026

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Udaipur Case: कन्हैया की पोस्टमार्टम रिपोर्ट: बर्बरता की सभी हदें पार, शरीर पर 26 वार, गर्दन पर 10-13 गहरे जख्म

नई दिल्ली। जिस बेरहमी, निर्दयता, निर्ममता, बर्बरता और नृशंसता से कन्हैयालाल की हत्या को अंजाम दिया गया, उसे जानकर आपकी रूह कांप जाएगी। सिहर उठेंगे आप। यह सोचने पर मजबूर हो जाएंगे कि आखिर कोई इंसान कैसे इतनी बेरहमी से किसी दूसरे इंसान की हत्या कर सकता है। कैसे उसे इस कदर मौत के घाट उतार सकता है। जी हां… आपको बता दें कि कन्हैयालाल हत्याकांड मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट अब सामने आ चुकी है। आइए, आपको आगे पोस्टमार्टम रिपोर्ट  के बारे में बताते हैं कि कैसे कन्हैया को इन दरिंदों ने मौत के उतारने का काम किया है।

कन्हैया का पोस्टमार्टम रिपोर्ट

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, कन्हैया के शरीर पर दरिंदों ने 26 वार किए थे। शरीर को 13 जगह से काटा गया था। पीड़ित के गर्दन को रेतकर अलग कर दिया गया था। जिसके बारे में रिपोर्ट में बताया गया है। ध्यान रहे कि हत्याकांड का वीडियो भी प्रकाश में आया था, जिसमें साफ देखा जा रहा था कि कैसे आरोपियों ने कन्हैया की गला रेतकर हत्या कर दी। इतना ही नहीं, इन आरोपियों ने पीएम मोदी को भी धमकी दी है। उधर, इस हत्याकांड के बाद उदयपुर समेत कई इलाकों में स्थिति तनावपूर्ण हो चुकी है।

पुलिस-प्रशासन की तरफ से एहतियात बरतते हुए धारा 144 लागू कर दी गई व अगले 24 घंटे तक के लिए इंटरनेट व्यवस्था रोक दी गई है, ताकि मामले से संबंधित किसी भी अफवाह को प्रचारित न किया जा सकें। सीएम अशोक गहलोत ने मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। उधर, बीते मंगलवार को हत्या को अंजाम देने वाले आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था। जिसके बाद केंद्र सरकार के निर्देश पर एनआईए की टीम को उदयपुर भेज दिया गया है। मामले की जांच जारी है। आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग विपक्षी दलों समेत प्रदेश की जनता की ओर से की जा रही है।

जोर पकड़ रही CM गहलोत के इस्तीफे की मांग

उधर,  उदयपुर की इस हत्याकांड के बाद अब विपक्षी दलों की ओर से सीएम अशोक गहलोत के इस्तीफे की मांग की जा रही है। विपक्षी दलों की ओर से कहा जा रहा है कि अशोक गहलोत प्रदेश के कानून-व्यवस्था को सुचारु रख पाने में विफल हो रहे हैं। लिहाजा, उन्हें अपने पद पर बनें रहने का कोई नैतिक हक नहीं है। फिलहाल, आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का सिलसिला जारी है, लेकिन जिस मानसिकता की वजह से कन्हैया को इन उन्मादी आरोपियों ने मौत के घाट उतारा है, यह अपने आप में विचारणीय विषय है, चूंकि यह मानसिकता हमारे समाज के लिए आगामी दिनों में विध्वंसक साबित हो सकती है, लिहाजा इस पर विराम लगाने हेतु हमें कड़े कदम उठाने होंगे। वहीं, प्रदेश की जनता की तरफ से भी आक्रोश देखने को मिल रहा है। जनता की तरफ से मांग की जा रही है कि आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए।

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