कड़ी सुरक्षा के बीच पंचतत्व में विलीन हुआ जगन गुर्जर: तीन जेलों से लाए गए भाई, डांग क्षेत्र में उमड़ा जनसैलाब
रविन्द्र बंसल-
धौलपुर। अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हुई जगन गुर्जर की हत्या के बाद बुधवार को उसका पैतृक गांव भवूतीपुरा हजारों लोगों की मौजूदगी का गवाह बना। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया। पूरे गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। गांव की ओर आने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा घेरा बनाया गया और पुलिस की निगरानी पूरे समय जारी रही।
अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए जगन गुर्जर के तीनों भाइयों—पप्पू गुर्जर, पान सिंह और लाल सिंह—को अलग-अलग जेलों से कड़ी पुलिस सुरक्षा में गांव लाया गया। तीनों को पुलिस अभिरक्षा में अंतिम संस्कार में शामिल कराया गया और सभी रस्में पूरी होने के बाद पुनः संबंधित जेलों के लिए रवाना कर दिया गया।
जगन गुर्जर के पुत्र आसाराम ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। अंतिम दर्शन के दौरान परिजनों और समर्थकों की आंखें नम रहीं। डांग क्षेत्र सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग भवूतीपुरा पहुंचे। पूरे गांव में दिनभर लोगों की आवाजाही बनी रही और अंतिम यात्रा में भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
संवेदनशीलता को देखते हुए जिला प्रशासन ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू की। श्मशान घाट और गांव के आसपास भारी पुलिस बल तैनात रहा। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद रहे। ड्रोन कैमरों से निगरानी की गई, जबकि प्रमुख चौराहों और प्रवेश मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया। प्रशासन का पूरा ध्यान इस बात पर रहा कि कानून-व्यवस्था किसी भी स्थिति में प्रभावित न हो।
पूरे घटनाक्रम के दौरान अंतिम संस्कार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और किसी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई। अंतिम संस्कार के बाद पुलिस सुरक्षा घेरे में तीनों भाइयों को वापस जेल ले जाया गया।
उल्लेखनीय है कि अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल के भीतर हुई जगन गुर्जर की हत्या ने जेल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की जांच जारी है। दूसरी ओर, परिजन पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं, ताकि जेल के भीतर हुई इस सनसनीखेज वारदात की परतें पूरी तरह खुल सकें।
