April 22, 2026

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विवादित टिप्पणी मामले में नूपुर शर्मा को सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार, कहा- आपके बयान से बिगड़ा देश का माहौल

नई दिल्ली। टीवी पर पैगंबर मोहम्मद  पर दिए विवादित बयान के बाद देश ही दुनिया में चर्चा में आई बीजेपी की पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता नूपुर शर्मा अब एक बार फिर चर्चा में हैं। ध्यान हो कि नूपुर शर्मा ने एक टीवी चैनल से बातचीत के दौरान पैगंबर मोहम्मद को लेकर विवादित बयान दे दिया था। नूपुर के इस बयान के बाद देशभर में जमकर बवाल देखने को मिला। कई जगहों पर तो नूपुर शर्मा के इस बयान के बाद हिंसक घटनाएं भी देखने को मिली। देश ही नहीं दुनिया के कई देशों ने भी बीजेपी की पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता पर टिप्पणियां की। हालांकि मामले पर बवाल बढ़ता देख भारतीय जनता पार्टी ने 6 साल के लिए नूपुर शर्मा को निलंबित कर दिया था। हालांकि अब भी इस मामले की आंच कम होने की बजाय बढ़ती जा रही है। नूपुर शर्मा को इस मामले में लगातार धमकियां मिल रही है। तो वहीं, अब सुप्रीम कोर्ट  की तरफ से भी नूपुर शर्मा को बड़ा झटका लगा है।

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में नूपुर शर्मा की ओर से अर्जी दाखिल की गई थी जिसमें ये कहा गया था कि उनकी जान को खतरा है, ऐसे में वो देश के अलग-अलग हिस्सों में केसों की सुनवाई के लिए नहीं जा सकती है। नूपुर ने सभी केसों को दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग की थी लेकिन कोर्ट ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए नूपुर को फटकार लगाते हुए कहा, ‘उनके ही एक बयान के चलते माहौल खराब हो गया है।’ इतना ही नहीं अदालत ने ये भी कहा है कि नूपुर शर्मा ने माफी मांगने में देरी की यही कारण है कि इसके चलते और भी कई दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं घटित हुई।

दिल्ली पुलिस को भी लगाई फटकार

बीजेपी की पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता नूपुर शर्मा के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को भी फटकारा है। कोर्ट ने पूछा कि अगर ‘नूपुर के खिलाफ़ पहली FIR दिल्ली में दर्ज हुई थी, तो उस पर क्या कार्रवाई हुई?’ नूपुर शर्मा की अर्जी पर उन्हीं को सख्त टिप्पणी करते हुए नूपुर शर्मा ने कहा कि ‘सत्ता की ताकत दिमाग पर हावी न हो’।

कोर्ट ने उस टीवी चैनल को भी फटकार लगाई जिसकी डिबेट के दौरान ही नूपुर शर्मा ने वो विवादित बयान दिया था। कोर्ट ने ये भी पूछा कि अगर चैनल के एंकर ने किसी को भड़काने का काम किया है तो उसके खिलाफ केस क्यों दर्ज नहीं किया जाना चाहिए?। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि उन्हें केसों को ट्रांसफर कराना है तो फिर हाई कोर्ट में जाएं। हम इस पर किसी तरह का कोई आदेश नहीं देंगे। वहीं, कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद नूपुर शर्मा ने कोर्ट से अपनी अर्जी को वापस ले लिया है।

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