April 23, 2026

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: विपक्ष की उपराष्ट्रपति कैंडिडेट मार्गरेट अल्वा ने मांगा हिमंता बिस्वा सरमा से समर्थन, तो …

नई दिल्ली। देश को आज, सोमवार 25 जुलाई को द्रौपदी मुर्मू के रूप में नई राष्ट्रपति मिल चुकी है। द्रौपदी मुर्मू ने देश के 15वें राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली। द्रौपदी मुर्मू को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एनवी रमना ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही अब 64 साल की द्रौपदी मुर्मू सबसे कम उम्र की राष्ट्रपति बन गई हैं। इसके अलावा वो जनजातीय समाज से पहली राष्ट्रपति भी हैं। देश को राष्ट्रपति मिलने के बाद अब 6 अगस्त को उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होना है। इस पद के लिए यूपीए  की उम्मीदवार मारग्रेट अल्वा है तो वहीं एनडीए की ओर से बंगाल के पूर्व राज्यपाल जगदीप धनखड़  को उम्मीदवार बनाया गया है।

उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए विपक्ष की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा  ने अपने पक्ष में मतों की संख्या को बढ़ाने के लिए सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बातचीत का सिलसिला शुरू कर दिया है। इसी क्रम में मार्गरेट अल्वा ने कर्नाटक, असम और दिल्ली के मुख्यमंत्रियों को फोन किया। अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्रियों से हुई मार्गरेट अल्वा की बातचीत का जिक्र जयराम रमेश  ने अपने ट्वीट में किया। अपने ट्वीट में जयराम रमेश ने लिखा, “मार्गरेट अल्वा ने आज अपने कैंपेन दफ्तर, 1, पंडित रवि शंकर शुक्ला लेन से अपना चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है। उन्होंने असम, कर्नाटक और दिल्ली के मुख्यमंत्री से उपराष्ट्रपति चुनाव के संबंध में बातचीत की। उनके लंबे राजनीतिक करियर और लोगों से उनके संबंधों की वजह से यह बातचीत काफी अच्छी और दोस्ताना रही।”

अब इसी ट्वीट का जवाब देते हुए असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने ट्वीट को रिट्वीट करते हुए कहा है कि वो इलेक्टोरल कोलेज के सदस्य ही नहीं हैं। ऐसे में उपराष्ट्रपति चुनाव में उनकी कोई भूमिका नहीं है। अपने ट्वीट में हिमंत बिस्वा सरमा ने लिखा, ‘उन्होंने (मार्गरेट अल्वा) मुझे आज सुबह फोन किया। मैंने विनम्रता के साथ उन्हें कहा कि मैं इलक्टोरल कोलेज का हिस्सा नहीं हूं। भारत के उपराष्ट्रपति के चुनाव में मेरी कोई भूमिका नहीं है।’

उपराष्ट्रपति चुनाव में वोटिंग से दूर ममता बनर्जी

बीते रविवार को एनसीपी चीफ शरद पवार के आवास पर 17 विपक्षी पार्टियों की बैठक हुई थी। जिसमें अल्वा की उम्मीदवारी पर फैसला किया गया था। हालांकि इस बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शामिल नहीं हुई थीं। उनकी सलाह लिए बगैर ही अल्वा को उम्मीदवार घोषित करने पर ममता बनर्जी की नाराजगी देखने को मिल रही है। ममता बनर्जी ने सीधे तौर पर उपराष्ट्रपति चुनाव में वोटिंग से दूर रहने का फैसला लिया है। हालांकि, यहां ये भी बता दें कि अल्वा ने ममता बनर्जी से भी समर्थन मांगा है।

 

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