ममता पर पड़ने लगा घोटाले में फंसे मंत्री पार्थ चटर्जी पर कार्रवाई का दबाव, TMC महासचिव कुणाल घोष की मांग- उन्हें निकालो या…
कोलकाता। शिक्षक भर्ती घोटाले में ममता सरकार के मंत्री पार्थ चटर्जी के फंसने और उनकी करीबी एक्टर अर्पिता मुखर्जी के दो फ्लैट से 50 करोड़ से ज्यादा कैश और अन्य संपत्ति की बरामदगी के साथ ही अब तृणमूल कांग्रेस TMC के भीतर ही पार्थ के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठने लगी है। टीएमसी के एक और महासचिव कुणाल घोष ने ट्वीट कर ये मांग की है। कुणाल घोष ने कहा है कि पार्थ चटर्जी को तुरंत मंत्री पद के साथ ही पार्टी के पदों से भी हटा देना चाहिए। उनको टीएमसी से निकाल भी देना चाहिए। अगर मेरा ये बयान गलत लगे, तो पार्टी को मुझे सभी पदों से हटाने का अधिकार है। मैं तब भी तृणमूल के एक सिपाही की तरह काम करता रहूंगा।
बता दें कि शिक्षक भर्ती घोटाले में ईडी की गिरफ्त में आने और अपनी करीबी के घर से अकूत संपत्ति और घोटाले के दस्तावेज बरामद होने के बाद भी पार्थ चटर्जी को ममता बनर्जी ने अब तक मंत्री पद से नहीं हटाया है। पार्थ को तृणमूल महासचिव के पद से भी नहीं हटाया गया है। बीते शनिवार से सारे मामले में ईडी की जबरदस्त कार्रवाई चल रही है। ऐसे में अब तक पार्थ पर ममता की तरफ से कार्रवाई न होने के बाद कुणाल घोष ने आवाज उठाई है। पार्थ के खिलाफ पार्टी में पहली बार इस तरह किसी और नेता ने बयान दिया है।
ममता ने हालांकि पार्थ से पहले ही किनारा कर लिया है। ममता ने बीते दिनों कहा था कि अगर कोई दोषी है, तो वो उसके साथ कतई खड़ी नहीं होंगी। वहीं, पार्थ चटर्जी के गिरफ्तारी संबंधी दस्तावेज से ये भी पता चला था कि उन्होंने 4 बार ममता को फोन किया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। इसके अलावा पार्थ ने गिरफ्तारी के मेमो में अपने रिश्तेदार के तौर पर भी ममता बनर्जी का नाम लिख दिया था।
