February 15, 2026

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अमेरिका ने रूस से कच्चा तेल ले रहे भारत से रिश्ते तोड़ने से किया इनकार, कह दी ये बड़ी बात

वॉशिंगटन। अमेरिका ने कहा है कि भारत एक संप्रभु देश है और उसकी आजाद विदेश नीति है। अमेरिका ने ये भी कहा है कि भारत जिससे चाहे कच्चा तेल खरीद सकता है। रूस से कच्चा तेल खरीदने और अमेरिका-भारत रिश्तों के बारे में अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा कि इस मामले में ऐसा नहीं है कि कोई बिजली का स्विच है, जिसे जब चाहा तब ऑन और जब चाहा तो ऑफ कर लिया। नेड प्राइस ने कहा कि हमने दुनिया में से देश देखे हैं, जो साफ तौर पर बोलते हैं। इसके अलावा इन देशों का मत संयुक्त राष्ट्र में यूक्रेन पर रूस के हमले के खिलाफ वोटिंग में भी दिखता है, लेकिन ये कोई बिजली का बटन नहीं है कि जब चाहा ऑन या ऑफ कर दिया।

अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता का ये बयान भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बैंकॉक में दिए गए उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए रूस से कच्चा तेल खरीद रहा है। जयशंकर ने भारतीयों को संबोधित करते हुए कहा था कि हम अपनी नीतियों के मामले में बहुत खुले और ईमानदार हैं। उन्होंने कहा था कि भारत की ज्यादातर जनसंख्या हर साल औसतन 2000 डॉलर की आय करती है और ये लोग ऊर्जा के लिए ईंधन पर ज्यादा खर्च नहीं कर सकते। ये मेरा नैतिक दायित्व है कि हम अपने देश के लोगों को सबसे बेहतर कीमत दें।

बता दें कि इससे पहले अमेरिका ने आरोप लगाया था कि भारत के जहाज, रूसी जहाजों से बीच समंदर कच्चा तेल ले रहे हैं। उसे रिफाइन कर यूरोप और अमेरिका में बेचा जा रहा है। वहीं, यूक्रेन के विदेश मंत्री ने बुधवार को आरोप लगाया था कि रूस के हर बैरल कच्चे तेल में यूक्रेन के लोगों का खून भारत खरीद रहा है। अमेरिका और यूक्रेन के इन बयानों पर भारत ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी। अब अमेरिका ने माना है कि भारत पर दबाव नहीं डाला जा सकता कि वो ऊर्जा जरूरत पूरी करने के लिए रूस से कच्चा तेल न खरीदे। इस बीच, खबर ये है कि जुलाई में भारत ने रूस से कम कच्चा तेल खरीदा है। उसने पिछले महीने सऊदी अरब से ज्यादा कच्चा तेल खरीदा। हालांकि, इराक के बाद रूस ही फिलहाल भारत को सबसे ज्यादा कच्चा तेल बेचने वाला नंबर 2 देश है।

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