असम जाने वाले इमामों का होगा पुलिस वेरिफिकेशन, सीएम हिमंत ने आतंकवाद रोकने के लिए उठाया बड़ा कदम
गुवाहाटी। असम सरकार ने आतंकवादियों से संपर्क रखने वाले दो इमामों की गिरफ्तारी के बाद अब सख्त रवैया अपनाया है। असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने आदेश दिया है कि बाहरी राज्यों से आने वाले इमामों का पुलिस वेरिफिकेशन होगा। दूसरे राज्य के इमाम अगर असम आना चाहते हैं, तो उन्हें एक पोर्टल पर अपना नाम पता और अन्य जानकारियां देनी होंगी। इसके बाद पुलिस वेरिफिकेशन के बाद उन्हें असम आने दिया जाएगा। इसके साथ ही हिमंत ने असम के लोगों से अपील की कि वे अगर किसी अनजान इमाम को अपने इलाके या गांव में देखते हैं, तो इसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
हिमंत बिस्व सरमा ने सोमवार को बताया कि इमामों के बारे में असम सरकार ने मानक प्रक्रिया यानी SOP बनाई है। अगर किसी इमाम को लोग पहचान न सकें, तो उसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दें। जिसके बाद पुलिस उनका वेरिफिकेशन करेगी। इसके बाद ही इमाम को वहां रुकने दिया जाएगा। हिमंत ने कहा कि असम में मुस्लिम समेत सभी समुदाय इस मामले में सरकार की मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि असम के इमामों को राज्य में कहीं आने-जाने के लिए सरकारी पोर्टल पर रजिस्टर नहीं करना होगा। जो इमाम असम में बाहर से आएंगे, सिर्फ उनको ही इस पोर्टल पर अपनी सारी जानकारी देकर पुलिस से वेरिफिकेशन कराने की जरूरत होगी।
बता दें कि असम में बीती 20 अगस्त को गोआलपाड़ा में दो इमाम पकड़े गए थे। इनके नाम अब्दुस सुभानी और जलालुद्दीन हैं। सुभानी और जलालुद्दीन पर पुलिस ने आरोप लगाया है कि वे मुस्लिम युवाओं को कट्टरपंथी बनाने की कोशिश कर रहे थे। इन दोनों के अल-कायदा से भी संपर्क होने का पता चला था। पहले शक के आधार पर इनको हिरासत में लिया गया था। बाद में पुलिस ने सबूत मिलने पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया था। अब्दुस सुभानी और जलालुद्दीन बांग्लादेशी आतंकी संगठन से भी संपर्क में थे। इनसे पूछताछ कर और साथियों का भी पता पुलिस लगा रही है।
