तेजस्वी यादव की बढ़ी मुश्किलें, अब इस मामले में होना होगा अदालत में पेश
नई दिल्ली। बिहार में कुछ समय पहले सत्ता परिवर्तन देखने को मिला था। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से एनडीए के साथ अपने गठबंधन को तोड़कर लालू यादव की पार्टी राजद के साथ गठबंधन कर लिया था। इस गठबंधन के साथ ही नीतीश कुमार और लालू यादव की पार्टी के बीच जितने भी गिले शिकवे थे वो खत्म हो गए। वर्तमान में नीतीश कुमार एक बार फिर राज्य के मुख्यमंत्री पद पर विराजमान हैं तो वहीं, लालू यादव के छोटे लाल यानी तेजस्वी यादव उपमुख्यमंत्री बने हैं। राज्य के डिप्टी सीएम का पद पाकर भी तेजस्वी यादव की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है।
बता दें, कथित आईआरसीटीसी घोटाले में फंसे तेजस्वी यादव को की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 18 अक्टूबर को पेश होने के लिए कहा गया है। दरअसल, बीते दिनों CBI (सीबीआई) की तरफ से तेजस्वी यादव के खिलाफ Rouse Avenue District Court Complex (राउस एवेन्यू डिस्ट्रिक्ट कोर्ट कॉम्प्लेक्स) में याचिका दायर की थी। इस याचिका में सीबीआई ने मांग की थी कि तेजस्वी यादव की जमानत को रद्द किया जाए। कोर्ट में अपनी मांग रखते हुए सीबीआई ने कहा था कि जमानत पर बाहर रहकर तेजस्वी अधिकारियों को धमकाने का काम कर रहे हैं। वो प्रेस कांफ्रेंस कर रहे हैं जो कि जमानत की शर्तों का उल्लंघन है। ऐसे में उनकी जमानत रद्द हो।
सीबीआई (CBI) की तरफ से दायर इसी याचिका के बाद अदालत ने नोटिस जारी कर तेजस्वी से इस मामले पर जवाब मांगा था। अब 18 अक्टूबर को IRCTC घोटाले में तलब तेजस्वी यादव को दिल्ली की अदालत में पेश होना पड़ेगा। इधर इस मामले में तेजस्वी यादव के पिता को राहत दी गई है। कोर्ट की तरफ से Lalu Prasad Yadav (लालू प्रसाद यादव) को राहत देते हुए इलाज के लिए सिंगापुर जाने की इजाजत दी गई है।
