शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट की नई मुश्किल, मुंबई पुलिस ने बरामद किए हजारों हलफनामे, धोखाधड़ी का केस दर्ज
मुंबई। उद्धव ठाकरे अब नई मुश्किल में फंस सकते हैं। मामला हजारों हलफनामे का है। मुंबई पुलिस ने बांद्रा के निर्मल नगर थाना इलाके में उद्धव ठाकरे वाले शिवसेना के गुट के समर्थन में तैयार किए गए 4682 हलफनामे बरामद किए हैं। बताया जा रहा है कि ये हलफनामे बांद्रा मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट के बाहर एक दुकान से बरामद किए गए। पुलिस ने बीएआरसी के रिटायर्ड अफसर संजय कदम की शिकायत पर धोखाधड़ी और जालसाजी का केस दर्ज किया है। संजय कदम ने आरोप लगाया है कि अज्ञात लोगों ने उद्धव गुट के समर्थन में ये फर्जी हलफनामे तैयार कराए हैं। मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच को जांच सौंपी गई है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक जालसाजी की धारा 465 और धोखाधड़ी की धारा 420 के तहत केस दर्ज हुआ है। मुंबई से सटे ठाणे के पूर्व मेयर और एकनाथ शिंदे गुट के प्रवक्ता नरेश महस्के ने भी दावा किया है कि मुंबई पुलिस को 4682 फर्जी हलफनामे मिले हैं। उन्होंने केस दर्ज करने के लिए पुलिस को धन्यवाद दिया है। साथ ही नरेश ने शिवसेना के चुनाव चिन्ह पर शिंदे और उद्धव गुट के बीच विवाद के मद्देनजर इन हलफनामों की बरामदगी के मामले में ठाकरे गुट की आलोचना भी की है। खबर लिखे जाने तक इस मामले में उद्धव गुट की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई थी।
बता दें कि चुनाव आयोग ने फिलहाल शिवसेना के चुनाव चिन्ह ‘धनुष और तीर’ को सस्पेंड कर दिया है। आयोग ने उद्धव और शिंदे गुटों से दावे के समर्थन में दस्तावेज मांगे हैं। दोनों पक्षों ने खुद के असली शिवसेना होने का दावा आयोग में किया है। इसी दावे के तहत आयोग में अपने पक्ष में समर्थन के हलफनामे दिए जाते हैं। बताया जा रहा है कि ऐसे ही हलफनामे दुकान से बरामद हुए हैं। पुलिस की जांच के दौरान अगर इसमें फर्जीवाड़ा होने का खुलासा होता है, तो इससे उद्धव ठाकरे गुट के लिए मुश्किलों में इजाफा हो सकता है।
