May 31, 2026

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सलाखों से छूटते ही बदले संजय राउत के सुर, फडणवीस की जमकर की तारीफ, शाह से जताई मिलने की इच्छा

नई दिल्ली। पात्रा चॉल घोटाला मामले में गिरफ्तार हुए शिवसेना नेता संजय राउत तीन माह बाद सलाखों से बाहर आए तो उनके बदले सुर ने सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गुलजार कर दिया। कल तक हर मसले को लेकर बीजेपी को घेरने वाले संजय राउत ने बीजेपी नेता व डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस की जमकर तारीफ की। उन्होंने अमित शाह से भी मिलने की इच्छा जाहिर की। बता दें कि संजय राउत के जेल से बाहर आने के मौके पर शिवसैनिकों ने उनके स्वागत में जगह-जगह ‘गब्बर इज बैक’ के पोस्टर भी लगाए थे। उनके स्वागत में आतुर बैठे शिवसैनिकों को जैसे संजय राउत का भाषण सुनने को मिला तो उनके होश फाख्ता हो गए।

दरअसल, शिवसैनिकों को लगा था कि जेल से रिहा होने के बाद राउत मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधेंगे, लेकिन जब उन्होंने अपना भाषण शुरू किया तो शिवैसनिकों के होश ही उड़ गए। एक तरफ जहां उन्होंने फडणवीस की तारीफ की तो दूसरी तऱफ अमित शाह से मिलने की भी इच्छा जाहिर की। अब ऐसी स्थिति वो आगामी दिनों में क्या कदम उठाते हैं। इस पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।

जेल से बाहर आने के बाद राउत ने अपने स्वास्थ्य की ओर इशारा करते हुए कहा कि उनकी तबीयत थोड़ी नसाज है। अपने हाथ की ओर इशारा करते हुए कहा कि उनके हाथों में घड़ी भी नहीं आ पा रही है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने मेरे विरुद्ध साजिश रची थी। अगर उन्हें ऐसा करके आनंद मिला है, तो मैं भी उनका सहभागी होना चाहूंगा। मेरे मन में किसी के प्रति कोई दोष नहीं है। मैं किसी को भी दोष नहीं दूंगा ना ही मैं किसी भी जांच एजेंसी को दोष दूंगा। राउत ने कहा कि मेरी सुबह शरद पवार से बात हुई थी। हालांकि, उनकी भी तबयीत दुरूस्त नहीं है। मेरी सुब्रमणयम स्वामी से भी बात हुई है। मैंने उन्हें बताया कि किस तरह मुझे अवैध तरीके से गिरफ्तार किया गया था।

इसके साथ ही राउत ने बताया कि वो शाह से किन मुद्दों पर वार्ता करेंगे। उन्होंने कहा कि वह शाह से वर्तमान में राजनीति का स्तर कितना गिर चुका है। लोग किस तरह से अपने सियासी हितों को पूरा करने के लिए अपनी पराकाष्ठा पार करते जा रहे हैं।

वह ऐसे मुद्दों को मुलाकात के दौरान उठाएंगे। वहीं, उन्होंने अपने राजनीतिक रूख के बारे में उन्होंने कहा कि मैं बीजेपी का विरोध जारी रखूंगा, क्योंकि यही मेरा राजनीतिक चरित्र है। हालांकि, देवेंद्र फडणवीस ने कुछ अच्छे काम किए हैं, इसके लिए मैं उनका स्वागत करूंगा और उनसे मुलाकात करना चाहूंगा।

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