‘द कश्मीर फाइल्स’ पर इजरायली जूरी के विवादित बयान के साथ खड़ी हुई कांग्रेस, दूसरे जूरी सदस्य ने दिखाया आईना
नई दिल्ली। इजरायली फिल्ममेकर नादेव लापिद Nadav Lapid की तरफ से फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ को प्रोपागेंडा बताए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने लापिद के बयान का समर्थन किया है। वहीं, गोवा में अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव की जूरी के एक सदस्य ने साफ कर दिया है कि लापिद का बयान उनकी निजी राय थी। जूरी के बाकी सदस्यों का लापिद के बयान से कोई लेना-देना नहीं है। इसके अलावा तमाम यूजर्स ने एक बार फिर कांग्रेस प्रवक्ता की तरफ से लापिद का पक्ष लेने पर उनकी लानत-मलामत की है।
पहले बताते हैं कि लापिद ने क्या कहा था और उस पर कांग्रेस प्रवक्ता ने क्या प्रतिक्रिया दी है। लापिद ने सोमवार को जूरी के प्रमुख के तौर पर कहा था कि मैं महोत्सव के प्रमुख और कार्यक्रम की सिनेमाई समृद्धि के लिए, इसकी विविधता, इसकी जटिलता के लिए प्रोग्रामिंग के निदेशक को धन्यवाद देता हूं। 15वीं फिल्म द कश्मीर फाइल्स से हम सभी परेशान और सदमे में थे। ये एक प्रचार, अश्लील फिल्म की तरह लगी। इस तरह के एक प्रतिष्ठित फिल्म समारोह के कलात्मक प्रतिस्पर्धी खंड के लिए द कश्मीर फाइल्स अनुपयुक्त है। सुप्रिया श्रीनेत ने नादेव लापिद के इस बयान के वीडियो को ट्वीट किया था। उन्होंने लिखा, ‘पीएम मोदी, उनकी सरकार, बीजेपी, आरडब्ल्यू (राइट विंग) इकोसिस्टम ने द कश्मीर फाइल्स को बढ़ावा दिया। इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया ने इसे खारिज कर दिया। आखिरकार नफरत दूर हो गई।’ लापिद के बयान का वीडियो और सुप्रिया का ट्वीट आप नीचे पढ़ सकते हैं।
सुप्रिया के इस ट्वीट पर यूजर्स ने उनको कैसे फटकार लगाई, ये आप ऊपर उनके ट्वीट के कमेंट सेक्शन में देख सकते हैं। वहीं, इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल की जूरी में शामिल सुदीप्तो सेन ने लिखा कि नादेव लापिद की राय निजी थी। हम 4 और जूरी मौजूद थे। 5वीं जूरी को जरूरी काम से जाना पड़ा। हम सभी मौजूद जूरी की इस बारे में कोई अच्छी या खराब राय नहीं रही। हम किसी भी फिल्म के बारे में राजनीतिक टिप्पणी करने के लिए नहीं हैं। सुदीप्तो सेन का बयान आप नीचे पढ़ सकते हैं।
