India-China Clash: ‘स्थिति अभी…’, तवांग झड़प पर ड्रैगन का पहला रिएक्शन, भारतीय सेना ने खदेड़े थे 300 चीनी सैनिक
नई दिल्ली। दो साल बाद गत 9 दिसंबर 2022 को एक बार फिर अरूणाचल प्रदेश के तवांग में भारत-चीन सैनिकों के बीच झड़प हो गई। इस झड़प में भारत के जहां 6 सैनिक घायल हो गए, तो वहीं चीन के तकरीबन 30 सैनिक घायल बताए जा रहे हैं। घायल हुए भारतीय सैनिकों को गुवाहाटी स्थित अस्पताल में उपचार हेतु भर्ती करवाया गया है। उधर, सीमा पर झड़प के बाद स्थिति शांतिपूर्ण बताई जा रही है।
बता दें, झड़प के बाद दोनों देशों के सैनिकों के बीच फ्लैग मीटिंग हुई थी। फ्लैग मीटिंग के बाद अब दोनों ही देशों के सीमा पर स्थिति शांतिपूर्ण बताई जा रही है। लेकिन, जिस तरह की नापाक करतूत चीन की तरफ से की गई है, उसे लेकर भारतीय सेना सतर्क हो चुकी है। उधर, भारत में भी सियासत गरमा गई है। कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल केंद्र सरकार को इस मसले को लेकर घेरने में जुट चुकी है। गत सोमवार को एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने तीन ट्वीट कर केंद्र सरकार से इस झड़प को लेकर सवाल पूछे थे। इसके अलावा इस झड़प को मोदी सरकार के नेतृत्व की विफलता बताई थी। उधर, अब इस झड़प को लेकर चीन की तरफ से बयान सामने आया है। आइए, आपको बताते हैं कि चीन ने इस पूरे मसले पर क्या कुछ कहा है।
ध्यान रहे, इससे पहले साल 2020 के जून माह में लद्दाख स्थित गलवान में दोनों देशों के सैनिकों के बीच झड़प हुई थी। जिसमें भी चीन को ही खासा नुकसान हुआ था। भारतीय सेना की तरफ से दिए गए माकूल जवाब में चीन के कई सैनिक मारे गए थे, लेकिन शी जिनपिंग ने अपने सैनिकों के मारे जाने की बात से इनकार किया था, लेकिन बाद में कई अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियों ने चीन के इस झूठ का पर्दाफाश किया था।
इतना ही नहीं, उन दिनों एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें शी जिनपिंग चीनी सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए दिखे थे। बहरहाल, अब एक बार फिर से दोनों ही देशों के सैनिकों के बीच स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। अब ऐसी स्थिति में दोनों ही देशों के सैन्य मोर्चे पर क्या कुछ कदम उठाए जाते हैं। इस पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।
