March 3, 2026

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Corona के खिलाफ PM मोदी का एक और महाभियान, शुरू किए क्रैश कोर्स

नई दिल्ली। शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोविड-19 फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस शुभारंभ के साथ 26 राज्यों के 111 प्रशिक्षण केन्द्रों में इस कार्यक्रम की शुरूआत हो गई। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, हर सावधानी के साथ, आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए हमें देश की तैयारियों को और बढ़ाना होगा। इसी लक्ष्य के साथ आज देश में करीब 1 लाख फ्रंट लाइन कोरोना वॉरियर्स तैयार करने का महाअभियान शुरु हो रहा है।

पीएम मोदी के संबोधन की अहम बातें-

गांवों में संक्रमण के फैलाव को रोकने में दूर सुदूर के क्षेत्रों में, पहाड़ी और जनजाति क्षेत्रों में टीकाकरण अभियान को सफलतापूर्वक चलाने में हमारे आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी और गांव की तैनात स्वास्थकर्मियों ने बहुत बड़ी भूमिका अदा की है।

कोविड-19 हेल्‍थकेयर फ्रंटलाइन वर्कर्स के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत, उम्मीदवारों को न सिर्फ़ पाठ्यक्रम के अंतर्गत मान्यता मिलेगी बल्कि उनको रोज़गार पाने के बेहतर अवसर भी प्राप्त होंगे।

गांवों में संक्रमण के फैलाव को रोकने में दूर सुदूर के क्षेत्रों में, पहाड़ी और जनजाति क्षेत्रों में टीकाकरण अभियान को सफलतापूर्वक चलाने में हमारे आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी और गांव की तैनात स्वास्थकर्मियों ने बहुत बड़ी भूमिका अदा की है।

फ्रंटलाइन वर्कर्स के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत, उम्मीदवारों को निःशुल्क ट्रेनिंग, स्किल इंडिया का सर्टिफिकेट, भोजन व आवास सुविधा, काम पर प्रशिक्षण के साथ स्टाइपेंड एवं प्रमाणित उम्मीदवारों को 2 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा प्राप्त होगा।

बीते 7 साल में देश में नए एम्स, नए मेडिकल कॉलेज, नए नर्सिंग कॉलेज के निर्माण पर बल दिया गया है। इनमें से कई ने काम करना भी शुरु कर दिया है। मेडिकल शिक्षा और इससे जुड़े संस्थानों में रिफॉर्म को भी सपोर्ट किया जा रहा है।

इस अभियान से कोविड से लड़ रही हमारी हेल्थ सेक्टर की फ्रंट लाइन फोर्स को नई ऊर्जा भी मिलेगी और हमारे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे।

कोरोना से लड़ रही वर्तमान फोर्स को सपोर्ट करने के लिए देश में करीब 1 लाख युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। ये कोर्स 2-3 महीने में ही पूरा हो जाएगा, इसलिए ये लोग तुरंत काम के लिए उपलब्ध भी हो जाएंगे।

इस महामारी ने दुनिया के हर देश, हर संस्था, हर समाज, हर परिवार, हर इंसान के सामर्थ्य को बार-बार परखा है। वहीं इस महामारी ने साइंस, सरकार, समाज, संस्था और व्यक्ति के रूप में हमें अपनी क्षमताओं का विस्तार करने के लिए सतर्क भी किया है।

कोरोना की दूसरी लहर में हम लोगों ने देखा कि इस वायरस का बार बार बदलता स्वरूप किस तरह की चुनौतियां हमारे सामने ला सकता है। ये वायरस हमारे बीच अभी भी है और इसके म्यूटेड होने की संभावना भी बनी हुई है।

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