June 26, 2026

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कौन हैं शेफाली वर्मा, जिन्होंने महज 19 साल की उम्र में भारतीय क्रिकेट टीम को बनाया विश्व विजेता

नई दिल्ली। भारत की अंडर 19 महिला क्रिकेट पहले ही विश्वकप को जीतकर विश्वविजेता बन गई है। यह भारत के लिए गौरव का पल है। भारत की बेटियों ने दुनियाभर में अपना परचम लहरा दिया है। टीम इंडिया ने फाइनल में इंग्लैंड को मात दीम टीम इंडिया की कमान इस टूर्नामेंट में 19 साल की शेफाली वर्मा के हाथ में थी। शेफाली जाना पहचाना नाम हैं, क्योंकि 15 साल की उम्र में उन्होंने भारत के लिए डेब्यू किया और अपनी धमाकेदार बल्लेबाजी से अपनी एक पहचान बनाई। अब वह विश्व विजेता कप्तान हैं। 19 साल की शेफाली वर्मा ने खुद को इंटरनेशनल क्रिकेट के लिए तैयार करने के लिए काफी तैयारी की है और संघर्ष किया है। शेफाली ने खुद एक इंटरव्यू में बताया था कि किस तरह वह तेज गेंदबाजी को खेलने की प्रैक्टिस करती थीं, उनके सामने लड़कों को बॉलिंग करवाई जाती थी ताकि वह बॉल की स्पीड का को फेस कर सकें।

महज 15 साल की उम्र में पहनी नीली जर्सी

आपको बता दें कि शैफाली हरियाणा के रोहतक से ताल्लुक रखती हैं। उन्होंने सिर्फ 15 साल की उम्र में टीम इंडिया के लिए डेब्यू किया था। 2019 में टीम इंडिया जब टी-20 वर्ल्ड कप के लिए खुद को तैयार कर रही थी, तब शेफाली की टीम में एंट्री हुई थी और साउथ अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने डेब्यू किया था। हर कोई हैरान था कि सिर्फ 15 साल की उम्र में कैसे इस लड़की को टीम इंडिया में जगह मिल गई। लेकिन जिस तरह शेफाली ने शुरुआती मैचों में बल्लेबाजी की थी, उससे हर कोई हैरान था। क्योंकि शेफाली ने पहली बॉल से ही बॉलर्स पर अटैक किया और बड़े शॉट की बौछार कर दी। उसके बाद शेफाली ने टी-20 वर्ल्ड कप में बेहतर बल्लेबाजी की, लेकिन वो टीम इंडिया को कप नहीं दिला सकी।

लड़कों के साथ करती थी प्रैक्टिस

एक बार एक इंटरव्यू के दौरान अंडर 19 विश्वविजेता टीम की कप्तान शेफाली ने अपनी तैयारियों को लेकर बात की थी कि टी-20 वर्ल्ड कप के बाद जब वह वापस आईं तो काफी चीज़ों पर काम करना चाहती थीं। ऐसे में उन्होंने अपने कोच के साथ काम शुरू किया था, क्योंकि मुझे वनडे टीम में जगह नहीं मिल रही थी। ऐसे में हमने तेज़ गेंद खेलना शुरू किया, लड़के 135-140 KMPH की रफ्तार से बॉलिंग करते थे। शेफाली के मुताबिक, उन्होंने क्रिकेट के साथ-साथ अपनी फिटनेस, डाइटिंग पर जोर दिया। साथ ही वर्ल्ड कप की हार से उबरने के लिए उन्होंने कई सेशन भी किए। मैच फिट रहने के लिए शेफाली को अपना फेवरेट खाना छोड़ना पड़ा था। शेफाली ने बताया था कि अब वह पिज़्ज़ा नहीं खातीं, डोरेमैन नहीं देखतीं क्योंकि वो अपना ध्यान बस क्रिकेट पर केंद्रित करती हैं।

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