March 3, 2026

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भगोड़े कारोबारियों पर बड़ा एक्शन, ईडी ने जब्त की अरबों की संपति

नई दिल्ली। केंद्र में जब से नरेंद्र मोदी की सरकार आई है तब से भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार बड़ा एक्शन ले रही है। गौरतलब है भाजपा ने 2014 के लोकसभा चुनाव में जबरदस्त विजय हासिल की थी। इस दौरान नरेंद्र मोदी ने नारा दिया था कि ना खाऊंगा ना खाने दूंगा। जिसका असर लगातार देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में बुधवार को मोदी सरकार ने देश का पैसा गबन करने वाले भगोड़े कारोबारियों पर बड़ा शिकंजा कसा है। केंद्र सरकार ने भगोड़े कारोबारियों विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के खिलाफ हंटर चलाया है। मोदी सरकार की इस कार्रवाई के बाद साफ हो गया कि घोटाले करने वाले आरोपियों की किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

प्रवर्तन निदेशालय ने PMLA के तहत विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के मामले में न केवल 18,170.02 करोड़ रुपये (बैंकों को हुए कुल नुकसान का 80.45%) की संपत्ति जब्त की, बल्कि 9371.17 करोड़ रुपये की कुर्की/जब्त संपत्ति का एक हिस्सा भी PSB और केंद्र सरकार को स्थानांतरित किया है।

आपको बता दें कि विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी देश के तीन सबसे मोस्ट वांटेड आर्थिक भगोड़े हैं। इन तीनों ने मिलकर बैंकों को हजारों करोड़ का चूना लगया है। वहीं तीनों को भारत लाने की कोशिश जारी है और उम्मीद है कि जल्द ये तीनों भगोड़े देश भी लाए जाएंगे।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को कहा कि उसने भगोड़े कारोबारियों विजय माल्या, नीरव मोदी, मेहुल चौकसी की 9,371 करोड़ रुपये की संपत्ति सरकारी बैंकों को सौंप दी है, ताकि उनके खिलाफ की गई धोखाधड़ी से हुई नुकसान की भरपाई हो सके। ईडी ने एक बयान में कहा कि माल्या, नीरव मोदी और चोकसी ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के साथ अपनी कंपनियों के माध्यम से धन की हेराफेरी की, जिससे बैंकों को कुल 22,585.83 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। ईडी ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर तीनों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। ईडी ने कहा, ” जांच ने यह भी साबित कर दिया है कि इन तीनों आरोपियों ने अपने द्वारा नियंत्रित नकली संस्थाओं का इस्तेमाल बारी-बारी से किया और बैंकों द्वारा उपलब्ध कराए गए धन का गबन किया।”

ईडी ने 18,170.02 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क या जब्त की है जिसमें विदेशों में स्थित 969 करोड़ रुपये की संपत्ति शामिल है। इसमें कहा गया है कि कुर्क की गई और जब्त की गई संपत्ति की मात्रा 22,585.83 करोड़ रुपये के कुल बैंक नुकसान का 80.45 प्रतिशत है। ईडी की जांच से साबित हुआ है कि इन संपत्तियों का बड़ा हिस्सा नकली संस्थाओं के नाम पर था। ट्रस्ट, तीसरे व्यक्ति, इन आरोपियों के रिश्तेदार और ये संस्थाएं इन संपत्तियों को रखने के लिए इन आरोपियों के प्रॉक्सी थे।

 

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