February 16, 2026

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उपेंद्र कुशवाहा ने नीतीश कुमार के लिए खड़ी की बड़ी मुसीबत, चिंतन शिविर बुलाकर ताकत दिखाने की तैयारी

पटना। बिहार में जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के भीतर मची रार के और तेज होने के आसार हैं। पार्टी के कर्णधार और सीएम नीतीश कुमार को चुनौती देने के लिए उपेंद्र कुशवाहा ने नया दांव खेला है। उपेंद्र कुशवाहा ने 19 और 20 फरवरी को पटना में जेडीयू का चिंतन शिविर करने का एलान किया है। इस चिंतन शिविर में जितने नेता और कार्यकर्ता आएंगे, वे निश्चित तौर से नीतीश कुमार की टेंशन बढ़ाने का ही काम करेंगे। उपेंद्र कुशवाहा के करीबी सूत्रों का दावा है कि जेडीयू के चिंतन शिविर में इतने लोग आएंगे कि नीतीश को अच्छा खासा संकेत मिल जाएगा।

पिछले एक महीने से नीतीश कुमार और उपेंद्र कुशवाहा के बीच तनाव है। उपेंद्र कुशवाहा जब बीमार होकर दिल्ली के एम्स में भर्ती हुए थे, तो बीजेपी के कुछ नेताओं ने उनसे मुलाकात की थी। तब कयास लगाए जा रहे थे कि वो एक बार फिर बीजेपी के साथ जा सकते हैं। इस बारे में जब नीतीश से पूछा गया था, तो उन्होंने कहा था कि जो जहां जाना चाहे, वहां जाने के लिए आजाद है। इसी बयान के बाद नीतीश और उपेंद्र में ठन गई थी। उपेंद्र ने कहा था कि बिना अपना हक लिए वो जेडीयू छोड़कर कहीं जाने वाले नहीं हैं।

इसके बाद उपेंद्र के खिलाफ जेडीयू के कई नेताओं ने निशाना भी साधा था। वहीं, उपेंद्र कुशवाहा ने सवाल उठाया था कि जेडीयू ने लालू यादव की पार्टी आरजेडी से क्या समझौता किया है? ये सवाल उपेंद्र ने इसलिए उठाया था क्योंकि नीतीश ने बयान दिया था कि 2025 से महागठबंधन की कमान आरजेडी के नेता तेजस्वी यादव ही संभालेंगे। तेजस्वी यादव अभी नीतीश कुमार की सरकार में डिप्टी सीएम हैं। अब जेडीयू का चिंतन शिविर बुलाकर उपेंद्र ने नीतीश के सामने खासी दिक्कत पैदा करने की कोशिश की है। इसमें अगर ज्यादा भीड़ जुटी, तो नीतीश की जेडीयू में कुर्सी और डांवाडोल हो सकती है।

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