Sachin Tendulkar Statue: जहां से सचिन तेंदुलकर ने सीखा क्रिकेट का ककहरा, वहीं लगेगी क्रिकेट के भगवान की भव्य मूर्ति
नई दिल्ली। क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर का स्टैच्यू मुंबई स्थित वानखेड़े स्टेडियम में लगाया जाएगा। सचिन के संन्यास लेने के 10 साल बाद यह स्टैच्यू लगाया जा रहा है। भारत में ज्यादा खिलाड़ियों के स्टैच्यू नहीं लगाए गए हैं और ना ही कभी इस ओर ध्यान दिया गया है। उधर, सचिन ने आगे कहा कि वानखेड़े स्टेडियम उनके लिए खासा मायने रखता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत यहीं से की थी। सचिन ने कहा कि उनके कोच रमाकांत आचेरकर ने इसी ग्राउंड में उनके अंदर क्रिकेट के प्रति रुचि जागृत की थी।
सचिन ने बताया कि उन्होंने अपने करियर का आगाज भी इसी मैदान से किया था। ऐसे में यह मैदान उनके लिए बहुत मायने रखता था। उन्होंने कहा कि 2011 का विश्व कप भी टीम इंडिया ने इसी मैदान में श्रीलंका के खिलाफ जीत दर्ज की थी। इस स्टेडियम से उनकी बहुत यादें जुड़ी हुई हैं। ऐसे में जब उन्हें इस बात की खबर लगी कि इस स्टेडियम में उनका स्टैच्यू बनाया जा रहा है, तो उन्हें बहुत खुशी हुई। सचिन खुद अपनी पत्नी अंजली के साथ इस स्टेडियम में आए और उन्होंने मीडिया से मुखातिब होने के क्रम में इस स्टैच्यू के संदर्भ में जानकारी साझा कीं।
उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की बहुत खुशी है कि उनके सम्मान में इस स्टैच्यू का निर्माण किया जा रहा है। आपको बता दें कि वानखेड़े स्टेडियम में पहली बार किसी खिलाड़ी का स्टैच्यू लगने जा रहा है। इससे आज तक यहां किसी भी खिलाड़ी का स्टैच्यू नहीं लगाया था। बता दें कि इससे पहले पहला स्टैच्यू विदर्भ क्रिकेट स्टेडियम में है, दूसरा आंध्र और तीसरा स्टैच्यू इंदौर के होल्कर स्टेडियम में है। लेकिन, कभी बड़े पैमाने पर क्रिकेट जगत में अप्रतिम प्रतिभा का प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का स्टैच्यू लगाने की पहल नहीं की गई है। उधर, विदेशों में भी क्रिकट में अप्रतिम योगदान वाले खिलाड़ियों के स्टैच्यू बनाने की प्रथा रही है।
