अनशन पर बैठे सचिन पायलट ने कांग्रेस आलाकमान के गले में हड्डी फंसाई
जयपुर। कांग्रेस के नेता सचिन पायलट ने कांग्रेस आलाकमान की चेतावनी को ठेंगा दिखाकर अपना एक दिन का अनशन शुरू किया है। शाम तक पायलट जयपुर के शहीद स्मारक पर बैठेंगे। उनके अनशन में तमाम समर्थक जुटे हैं। सचिन पायलट ने अपने अनशन मंच के पीछे जो बैनर टंगवाया है, उसमें राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के दौर में हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ अनशन लिखा है।
ऐसे में कांग्रेस आलाकमान अगर सचिन पायलट पर कार्रवाई करता है, तो उस पर ये सवाल उठेगा कि सचिन तो बीजेपी सरकार में भ्रष्टाचार के खिलाफ अनशन कर रहे थे, तब पार्टी ने ये कार्रवाई क्यों की। सचिन पायलट ने अनशन के दौरान मौन रहने की बात कही है। ऐसे में पार्टी ये भी नहीं कह सकेगी कि उन्होंने कांग्रेस के खिलाफ कुछ कहा। यानी कुल मिलाकर सचिन पायलट ने नया पैंतरा अपनाते हुए कांग्रेस आलाकमान के गले में हड्डी फंसा दी है।
राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने सोमवार रात को बयान जारी कर कहा था कि सचिन पायलट कांग्रेस के असेट हैं, लेकिन उनका अनशन पार्टी विरोधी गतिविधि की तरह है। रंधावा ने कहा था कि सचिन पायलट को पार्टी फोरम में सारी बात रखनी चाहिए। उन्होंने ये भी कहा था कि सचिन पायलट ने जो मुद्दा उठाकर अनशन करने की बात कही है, वो मुझसे पिछले 5 महीने में कभी नहीं की। इसके बाद सूत्रों के हवाले से खबर आई थी कि सुखजिंदर सिंह रंधावा ने सचिन पायलट से बात की थी, लेकिन सचिन पायलट ने साफ कह दिया कि वो हर हाल में अपना अनशन करेंगे।
खबर ये भी है कि सचिन पायलट ने रंधावा से साफ शब्दों में कहा कि वो राहुल गांधी, प्रियंका गांधी या मल्लिकार्जुन खरगे के अलावा किसी और से बात नहीं करेंगे। यानी रंधावा को भी उन्होंने परे खिसका दिया है। अब अनशन के मंच के पीछे वसुंधरा राजे के भ्रष्टाचार वाली बात का बैनर लगाकर उन्होंने कांग्रेस के सामने एक और मुश्किल खड़ी कर दी है। देखना ये है कि आज शाम तक कांग्रेस आलाकमान सचिन पायलट के बारे में कोई फैसला लेता है या कोई कदम उठाने से हिचकता है।
