सूरत में अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी को जोर का झटका, 6 और पार्षद बीजेपी में गए, 27 में से अब 17 बचे
सूरत। गुजरात के सूरत में अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (आप) को जोर का झटका लगा है। सूरत महानगर पालिका में आप के 6 और पार्षद शुक्रवार रात को बीजेपी में चले गए। गुजरात के गृह मंत्री हर्ष सांघवी की मौजूदगी में आप के पार्षदों ने बीजेपी ज्वॉइन की। इससे पहले आप के 4 पार्षदों ने बीजेपी का दामन थाम लिया था। सूरत महानगर पालिका में आप के 27 पार्षद चुनकर आए थे। इसे अरविंद केजरीवाल ने बड़ी उपलब्धि बताया था। अब पालिका में आप के 17 पार्षद ही रह गए हैं। वहीं, 120 सदस्यीय पालिका में बीजेपी के पहले 93 पार्षद थे। जिन 6 पार्षदों ने आप छोड़कर बीजेपी ज्वॉइन की, उनके नाम स्वाति बेन कयादा, निराली पटेल, अशोक धामी, किरण भाई खोखणी, घनश्याम मकवाणा और धर्मेंद्र बावलिया हैं।
इससे पहले रूता बेन खेनी, ज्योति बेन लाठिया, भावना बेन सोलंकी और विपुल मोवलिया नाम के पार्षदों ने आप छोड़कर बीजेपी का कमल थामा था। सूरत महानगर पालिका के चुनाव 2020 में हुए थे। सूरत में हुए इन चुनावों में आप के पार्षदों की जीत से खुश अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी के गढ़ में सेंधमारी पर खुशी जताई थी। उन्होंने बाद में ये भी दावा किया था कि गुजरात में बदलाव की आंधी है और राज्य विधानसभा चुनाव में आप जीतकर सरकार बनाएगी। उनका ये दावा भी गलत साबित हुआ और एक बार फिर बीजेपी ने गुजरात में सरकार बना ली।
आप के पार्षदों के आने के बाद बीजेपी ने कहा है कि हमारी विचारधारा का जो भी सम्मान करता है, उसका पार्टी में स्वागत है। खास बात ये है कि शुक्रवार को ही सीबीआई ने शराब घोटाला मामले में अरविंद केजरीवाल को पेश होने का समन जारी किया। 10 पार्षदों के बीजेपी में खिसकने के बाद अब आप के लिए अपने बाकी 17 पार्षदों को साथ रखना बड़ा चैलेंज माना जा रहा है।
