दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष ने दिया सत्तारूढ़ ‘आप’ के साथ धरना, देश में ऐसी पहली घटना, बीजेपी ने बोला हमला
नई दिल्ली। बीजेपी लगातार आरोप लगाती है कि दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष रामनिवास गोयल पक्षपात करते हैं। गोयल पर बीजेपी के विधायक ये आरोप पहले लगा चुके हैं। अब विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल के एक कदम से उनके पक्षपात के बारे में बीजेपी को फिर निशाना साधने का मौका मिल गया है। दरअसल, बीते कल यानी रविवार को जब दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को सीबीआई ने शराब घोटाले संबंधी पूछताछ के लिए तलब किया था, तो उनकी सरकार के मंत्री, सांसद और आम आदमी पार्टी (आप) के नेता सीबीआई दफ्तर के बाहर धरने पर बैठ गए थे। विधानसभा अध्यक्ष रामविलास गोयल भी आप नेताओं के साथ सीबीआई दफ्तर के बाहर धरने पर बैठे थे।
इसी पर दिल्ली बीजेपी की उपाध्यक्ष बरखा शुक्ला सिंह ने सवाल खड़े किए हैं। बरखा ने तंज कसते हुए ट्विटर पर गोयल की धरने वाली फोटो डालते हुए लिखा है कि संवैधानिक पद पर बैठे दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने आम आदमी पार्टी के साथ धरना दिया। ये संविधान का सम्मान बिल्कुल नहीं करते। इन्होंने खुद को संविधान से ऊपर मान लिया है। जबकि, उनको राजनीतिक तौर पर किसी से पक्षपात नहीं करना चाहिए।
दिल्ली विधानसभा से बीजेपी विधायकों को बाहर और निलंबित करने के फैसलों की वजह से भी रामनिवास गोयल बीजेपी का निशाना बनते रहे हैं। ऐसा पहली बार है कि देश में किसी विधायी संस्था के अध्यक्ष ने सत्तारूढ़ पार्टी के समर्थन में धरना दिया हो। दिल्ली विधानसभा में बीजेपी इस मामले में अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी ला सकती है। संविधान के हिसाब से विधायी संस्था के अध्यक्ष को पक्षपात रहित होना चाहिए। यहां तक कि अध्यक्ष चुने जाने के बाद उनको अपनी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता भी छोड़नी होती है।
