शरद पवार के इस्तीफे के एक दिन बाद महाविकास अघाड़ी में टकराव, उद्धव गुट और कांग्रेस में बयानों की जंग
नई दिल्ली। एनसीपी प्रमुख शरद पवार के इस्तीफे के बाद महाराष्ट्र में शुरू हुआ सियासी भूचाल का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पवार के इस्तीफे के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से उन्हें मनाने की कोशिशें की जा रही हैं। पवार के इस्तीफे के विरोध में अब एनसीपी के कई नेता इस्तीफा दे रहे हैं। बता दें कि अनिल पाटिल और अशोक चव्हाण ने भी इस्तीफा दे दिया है। माना जा रहा है कि शरद पवार के इस्तीफे के विरोध में एनसीपी के अन्य नेता इस्तीफा दे रहे हैं। वहीं, आज शरद पवार की अगुवाई में बैठक भी हुई है। बैठक में पवार को मनाने की कोशिश की गई, लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पवार अपने फैसले पर अडिग हैं। हालांकि, गत मंगलवार को उन्होंने अपने फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए दो-तीन दिन का समय मांगा था। अब ऐसे में आगामी दिनों में वो क्या फैसला लेते हैं। देखना दिलचस्प रहेगा।
उधर, पवार के इस्तीफे के बाद एनसीपी की कमान अजीत पवार या सुप्रिया सुले में से किसे मिलती है? यह देखना होगा। वहीं, अजित पवार लगातार एनसीपी प्रमुख के इस्तीफे का समर्थन कर रहे हैं। पवार ने मीडिया से मुखातिब होने के दौरान स्पष्ट कर दिया था कि उन्होंने अपनी बढ़ती उम्र को ध्यान में रखते हुए अपने पद से इस्तीफा देने का मन बनाया है। वहीं, एनसीपी में जारी पवार के इस्तीफे को लेकर जारी घमासान पर महाराष्ट्र कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष नाना पटोले का बयान सामने आया है। आइए, आपको बताते हैं कि उन्होंने क्या कुछ कहा है।
महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि मुझे नहीं लगता है कि एनसीपी ऐसी कोई भी गलती करेगी, जिसकी भारी कीमत उन्हें चुकानी पड़े। वहीं, जब उनसे पूछा गया कि अजीत पवार को लेकर भी चर्चाएं हैं कि वो एनसीपी की कमान अपने हाथों में ले सकते हैं और अगर ऐसा हुआ तो इस बात की पूरी संभावना है कि वो बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बना सकते हैं, वैसे भी बीजेपी के प्रति उनका झुकाव जगजाहिर है। इस पर नाना पटोले ने कहा कि इस पर मैं कुछ भी नहीं कह सकता हूं। यह उनकी पार्टी का आंतरिक मसला है कि उन्हें किसे अध्यक्ष बनाना है और किसे नहीं। इस पर मेरा बोलना उचित नहीं है।
वहीं, नाना पटोले से शरद पवार द्वारा लिखी गई पुस्तक ‘लोक माझे सांगाती’ के बारे में भी पूछा गया। दरअसल, इस पुस्तक में पवार ने कांग्रेस को अहंकारी बताया है। पुस्तक में कहा गया है कि जब महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी की सरकार बन रही थी, तो कुछ पदों को लेकर कांग्रेस के नेताओं के साथ उनका विवाद हो गया था। उस वक्त कांग्रेस ने अपना अहंकारी रूख दिखाया था, तो इस पर नाना पटोले ने कहा कि देखिए शरद पवार एक बड़े नेता हैं और मैं एक छोटा-सा कार्यकर्ता हूं। ऐसे में उन पर किसी भी प्रकार की टिप्पणी करना उचित नहीं समझूंगा, लेकिन समय आने पर हम इसका जवाब जरूर देंगे।
अब वो किस जवाब की बात कर रहे थे। इस बारे में उन्होंने कुछ भी खुलकर नहीं कहा है। बता दें कि अभी हाल ही में शरद पवार ने एक किताब लिखी है, जिसका नाम ‘लोक माझे सांगाती’ है। इस पुस्तक में उन्होंने महाराष्ट्र की राजनीति से जुड़े कई प्रसंगों का जिक्र किया है। नाना पटोले के बयान पर संजय राउत का भी बयान सामने आया है। ऐसे में माना जा रहा है कि महाविकास अघाड़ी में जारी विवाद अब सतह पर सामने आ रहा है।
