Karnataka: ‘राख में मिल जाओगे अगर, प्रियांक खड़गे के बजरंग दल पर बैन वाले बयान पर BJP का पलटवार
नई दिल्ली। कांग्रेस ने कर्नाटक चुनाव से ठीक पहले ही अपने मेनिफेस्टो में राज्य के भीतर बजरंग दल को बैन करने की बात कही थी, अब इसको लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि बजरंग दल को बीजेपी ने चुनावी हथियार की तरह इस्तेमाल किया क्या उसी बजरंग दल को कांग्रेस प्रतिबंधित करेगी ? शुक्रवार को कर्नाटक के मंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियांक खड़गे ने बजरंग दल पर बैन लगाने को लेकर एक बयान दिया था, जिसपर अब बीजेपी ने जोरदार पलटवार किया है।
कर्नाटक बीजेपी अध्यक्ष नलिन कतील ने कांग्रेस के ऊपर हमलावर होते हुए कहा, प्रियांक खड़गे ने आरएसएस पर बैन लगाने की बात कही है, पीएम मोदी आरएसएस के स्वयंसेवक हैं, जो कि मौजूदा समय में केंद्र में बैठे हुए हैं। इसके साथ ही हम सब खुद आरएसएस के स्वयंसेवक हैं। और आप ये जो बैन लगाने की बात कर रहे हैं इसमें आप कोई नए नहीं हैं। आप से पहले जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी, नरसिम्हाराव सरकार ने आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने के खूब प्रयास किए थे लेकिन असफल रहे। उन्होंने कहा कि बजरंग दल और RSS पर बैन लगाने की कोशिश की तो कांग्रेस जलकर राख हो जाएगी। इसलिए में प्रियांक खड़गे से सिर्फ इतना ही कहना चाहूंगा कि वो अपनी सियासत पर ही ध्यान दें।
इसके साथ ही बजरंग दल पर बैन वाले प्रियांक खड़गे के बयान पर भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कांग्रेस को चुनौती दे डाली। उन्होंने कहा कि अगर आप में इतनी ही हिम्मत है तो आरएसएस को बैन करके दिखाओ। उन्होंने कहा- मुझे कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे की बातों में कोई इंटरेस्ट नहीं है, लेकिन आरएसएस और बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के विचारों को ध्यान से सुन रहा हूं। मैं इसलिए ही सिद्धारमैया को चुनौती देता हूं कि आरएसएस और बजरंग दल को बैन करके दिखाओ, क्योंकि केंद्र सरकार के आलावा किसी में भी इन्हें प्रतिबंधित करने की पावर नहीं है।
