May 1, 2026

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बालासोर हादसे में कैसे एक के बाद एक टकराई 3 ट्रेनें, पढ़े शुरुआत से लेकर अभी तक की हर एक छोटी-बड़ी डिटेल

नई दिल्ली। उड़ीसा के बालासोर में हुए हादसे में सभी को दंग कर दिया है। शुक्रवार शाम इस घटना की जानकारी सामने आई तो कहा जा रहा था कि एक्सप्रेस ट्रेन और मालगाड़ी की टक्कर हो गई है। हादसे में करीब 30 लोगों के मौत की बात कही जा रही थी। जैसे-जैसे मौत का आंकड़ा बढ़ता गया और घटना की पूरी जानकारी सामने आती गई वैसे-वैसे लोगों के अंदर इस घटना को लेकर सवाल उढने लगे कि आखिर ये हादसा किस तरह हुआ होगा। आज शनिवार सुबह तक ये बात भी सामने आ गई कि हादसा दो ट्रेनों के बीच नहीं बल्कि 3 ट्रेनों के बीच हुआ था। अब ये सुनने के बाद तो लोगों का सवालों से भर गया है। आखिर कैसे तीन ट्रैन यूं आपस में भिड़ गई। अगर आपके मन में भी यही सवाल है तो सभी आपको बताते हैं आखिर ये पूरी घटना घटी तो घटी कैसे…

कहां और कैसे हुआ ये हादसा

मिली जानकारी के मुकाबित, हादसा बालासोर स्टेशन के नजदीक बहानगा बाजार स्टेशन के पास हुआ जहां आउटर लाइन पर एक मालगाड़ी खड़ी थी। तभी वहां हावड़ा से आ रही कोरोमंडल एक्सप्रेस (12841) बहानगा बाजार से करीब 300 मीटर की दूरी पर बेपटरी हो गई। डिरेल होने के कारण इस ट्रेन का (कोरोमंडल एक्सप्रेस) का ईंजन आउटर लाइन पर खड़ी मालगाड़ी पर चढ गया। मालगाड़ी से टक्कर के बाद कोरोमंडल एक्सप्रेस की कुछ बोगियां अनियंत्रित होकर तीसरे ट्रैक पर जा गिरीं। जिस तीसरे टैक पर ये बोगियां गिरी उसपर ही पीछे से हावड़ा-बेंगलुरु एक्सप्रेस (12864) तेज रफतार में पहुंच गई। ट्रैक पर कोरोमंडल एक्सप्रेस की बोगियां गिरी होने के कारण हावड़ा-बेंगलुरु एक्सप्रेस भी हादसे का शिकार हो गई। एक के बाद एक तीन ट्रेनों की इस टक्कर से उनमें मौजूद कई लोगों की जान चली गई। वहीं, कई घायल हुए हैं। ताजा जानकारी के मुताबिक, हादसे में अभी तक 237 लोगों के जान गंवा चुके हैं। वहीं, 900 से ज्यादा लोग घायल हैं।

यात्रि ने बताया आंखों-देखा हाल

इस घटना में जीवित बचे एक यात्रि ने अपने साथ घटित इस हादसे की जानकारी ट्विटर पर शेयर की है। Anubhav Das नाम के यूजर ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक के बाद एक कई ट्वीट कर इस घटना के बारे में जानकारी दी है। अनुभव दास ने ट्वीट में बताया है कि वो हावड़ा से चेन्नई जाने वाली कोरोमंडल एक्सप्रेस में सवार थे। इस हादसे में वो सकुशल बच गया। ट्रैन हादसे के बारे में बताते हुए अनुभव दास ने कहा कि हादसे में तीन ट्रेनें (कोरोमंडल एक्सप्रेस 12841, यशवंतपुर-हावड़ा एसएफ और एक मालगाड़ी) शामिल थीं। पहले कोरोमंडल एक्सप्रेस पटरी से उतरकर साइड में लूप ट्रैक पर खड़ी मालगाड़ी से भिड़ी। भिड़त में कोरोमंडल एक्सप्रेस के कुछ डिब्बे पास की पटरी पर आ रही यशवंतपुर एक्सप्रेस से टकरा गए। इस हादसे में यशवंतपुर एक्सप्रेस के 3 जनरल डिब्बे भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर पटरी से उतर गए।

इन सभी हादसों के दौरान काफी तेज आवाजें हुई जिन्हें सुनकर आस-पास के निवासी भी वहां पहुंच गए और लोगों को बचाने में जुट गए। आगे अनुभव दास ने कहा कि खुद उन्होंने इस हादसे में 200-250 से ज्यादा मौतें देखी हैं। कई लोग हादसे में कुचल गए, लोगों के शरीर के अंग कटकर इधर-उधर पड़े थे। वो ये नजारा कभी नहीं भूल सकते।

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