‘हम भारत से बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन…’, दाने-दाने को मोहताज हुआ Pak, तो ढीले पड़े तेवर
नई दिल्ली। दो जून की रोटी को मुहाल पाकिस्तान के मौजूदा रूख को देखकर लगता है कि अब उसके तेवर ढीले पड़ते जा रहे हैं। जी हां…कल तक छोटी-छोटी बातों पर भारत को धौंस दिखाना वाला पाकिस्तान अब भारत से ही वार्ता की मेज पर आने की गुहार लगा रहा है। इतना ही नहीं, अतीत के प्रसंगों को दोहराते हुए शहबाज शरीफ कह रहे हैं कि अब तक हम तीन युद्ध लड़ चुके हैं, लेकिन बदले में हमें सिर्फ गरीबी, भुखमरी और बेरोजगारी ही नसीब हुई है।
शहबाज ने माथा पकड़कर मान लिया है कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। शहबाज के इस बयान को सुनकर लगता है कि उन पर पीएम मोदी के उस बयान का गहरा असर पड़ गया है, जिसमें उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध का जिक्र कर कहा था कि युद्ध किसी भी समस्या का विकल्प नहीं है।
इस बीच पाकिस्तान ने परमाणु हथियार का राग भी अलापा। शहबाज यह कहने से नहीं चूके कि पाकिस्तान परमानु संपन्न देश है, लिहाजा युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता है। उन्होंने हमारे पास परमाणु युद्ध आत्मरक्षा के लिए है, न की किसी पर हमला करने के लिए।
