कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के मुफ्त सफर के वादे के खिलाफ आज बेंगलुरु में ऑटो-टैक्सी और बसों की हड़ताल
बेंगलुरु। कर्नाटक में विधानसभा चुनाव जीतने के लिए कांग्रेस ने 5 वादे किए थे और सरकार बनने के बाद इनको लागू भी किया है। अब कांग्रेस की सरकार के यही वादे आम लोगों और कारोबारियों पर भारी पड़ने लगे हैं। कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने पहले मुफ्त बिजली देने के नाम पर बिजली की दरों को बढ़ाया था। जिसके खिलाफ उद्योग चलाने वालों ने हड़ताल की थी। अब आज फिर कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में हड़ताल है। वजह है महिलाओं को बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का। कर्नाटक सरकार राज्य की महिलाओं को सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दे रही है। इससे ऑटो-टैक्सी वालों को रोजगार मिलने में बड़ी दिक्कत आ गई है।
ऑटो और टैक्सी वालों ने सिद्धारामैया की कांग्रेस सरकार से गुहार लगाई थी कि मुफ्त यात्रा सुविधा की वजह से उनको यात्री नहीं मिल रहे और इसका कोई समाधान सरकार निकाले, लेकिन सरकार ने कोई रास्ता नहीं निकाला। ऐसे में बेंगलुरु में आज सभी ऑटो, टैक्सी, एयरपोर्ट टैक्सी, मैक्सी कैब, मालवाहक वाहन, स्कूली बस, स्टेज कैरिज, कॉन्ट्रैक्ट कैरिज और कॉरपोरेट बस सड़क पर नहीं उतरी हैं। इनकी कुल संख्या करीब 7 से 10 लाख है। निजी वाहन फेडरेशन के अध्यक्ष एस. नटराज शर्मा के मुताबिक मजबूरी में हड़ताल का ये फैसला उनको लेना पड़ा है। हड़ताल के दौरान कई जगह ऑटो-टैक्सी की हवा निकाले जाने और तोड़फोड़ की घटनाएं होने की भी खबर है।
बेंगलुरु में गाड़ी मालिकों की हड़ताल के कारण हालात बिगड़ने का अंदेशा देखकर सरकार ने ज्यादा तादाद में बसें चलाने का फैसला किया है। कर्नाटक के परिवहन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने कहा कि सरकार किसी भी सूरत में जनता को परेशान नहीं होने देगी। उन्होंने बताया कि स्कूल, दफ्तर और अस्पताल जाने के लिए बीएमटीसी बसों की पूरी व्यवस्था की गई है। कुल 500 और बसें बेंगलुरु की सड़कों पर आज उतारी गई हैं। अस्पतालों के पास भी अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की जा रही है। हालांकि, परिवहन मंत्री ने ये नहीं बताया कि गाड़ी मालिकों ने अपनी जिस समस्या को दूर करने के लिए गुहार लगाई, उस बाबत सरकार क्या कर रही है।
