नीतीश कुमार ने NDA में लौटने की अटकलों पर कुछ कहने से किया इनकार, बोले- विपक्षी एकता सफल होगी
नई दिल्ली। बिहार की सियासत से बड़ी खबर सामने आ रही है। एक तरफ जहां हरियाणा में आज पूर्व उप प्रधानमंत्री ताऊ देवीलाल की जयंती मनाई जा रही है। जिसमें विपक्षी दलों के I.N.D.I.A गठबंधन के तमाम बड़े नेता शामिल हो रहे है। वहीं दूसरी तरफ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्षी गठबंधन के प्रोग्राम से दूरी बना ली। सीएम नीतीश ने सबको हैरत में डालते हुए भाजपा के द्वारा आयोजित पंडित दीन दयाल उपाध्याय की 107वीं जयंती के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे।
बता दें कि नीतीश कुमार लंबे वक्त से दीनदयाल उपाध्याय जयंती समारोह से दूरी बनाए हुए है। लेकिन लंबे समय के बाद ऐसा मौका है जब नीतीश कुमार पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती समारोह में शामिल होने जा रहे है। वहीं अब एक बार फिर कयासों का दौर शुरू हो गया है। अफवाहों के मानें तो सीएम नीतीश कुमार फिर से पलटी मार सकते है।
लिहाजा नीतीश कुमार के इस कदम को बड़े सियासी संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। इसके कई मयाने भी निकाले जा रहे है। सवाल ये है कि अबकी बार क्या करेंगे नीतीश कुमार? इसी बीच एनडीए से नजदीकियों की अटकलों पर नीतीश कुमार का बयान सामने आया है। सीएम नीतीश ने मीडिया से बात करते हुए कहा,”क्या चर्चा होती है इसमें मेरी दिलचस्पी नहीं है। मैं तो विपक्ष को एकजुट करने में व्यस्त हूं।”
उधर नीतीश कुमार के बयान पर भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा, वे(नीतीश कुमार) नाक भी रगड़ ले फिर भी भाजपा का दरवाज़ा उनके लिए बंद हो चुका है..वे अब एक राजनीतिक बोझ हो चुके हैं और जो बोझ बन चुका है उसको ढ़ोने का काम भाजपा क्यों करेगी। हम अपने सहयोगी के बल पर 2024 भी जीतेंगे।
बता दें कि हरियाणा के कैथल में देवीलाल की जयंती में रैली होने जा रही है। जिसमें विपक्ष के तमाम बड़े नेता एकजुट होंगे। इसमें रैली में सपा प्रमुख अखिलेश यादव, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, फारुक अब्दुल्ला समेत कई बड़े नेताओं के शामिल हो सकते है। 2024 से पहले विपक्षी इस रैली के जरिए शक्ति प्रदर्शन दिखाने जा रहा है। खास बात ये है कि सीएम नीतीश कुमार को भी इस प्रोग्राम में शामिल होना था। लेकिन उन्होंने कार्यक्रम से दूरी बनाते हुए पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती समारोह में शिरकत करने पहुंचे।
