पश्चिम बंगाल में भी पालघर की तरह भीड़ ने साधुओं को पीटा; बीजेपी बोली- ममता के राज में हिंदू होना अपराध
नई दिल्ली। महाराष्ट्र का पालघर आपको याद है? पालघर में साल 2020 में भीड़ ने साधुओं की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। उसी तरह का मामला अब पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में होते-होते बचा। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में पुरुलिया में कुछ साधुओं की जमकर पिटाई होते देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि ये साधु गंगासागर जा रहे थे, जब पुरुलिया में भीड़ ने इनकी पिटाई की। इस वीडियो के सामने आने के बाद बीजेपी ने सरकार चला रहीं ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी पर निशाना साधा है। बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय और राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एक्स हैंडल पर साधुओं की इस पिटाई का वीडियो शेयर कर टीएमसी के गुंडों के हाथ साधुओं की पिटाई का आरोप लगाया है। जो वीडियो वायरल हुआ है, वो करीब 30 सेकेंड का है। इसमें साधुओं को निर्वस्त्र कर उनको पीटते हुए देखा जा रहा है।
अमित मालवीय ने साधुओं की पुरुलिया में पिटाई का मसला उठाते हुए ममता बनर्जी को चुप्पी पर शर्मिंदा होने के लिए कहा है। मालवीय ने ये सवाल भी पूछा है कि ममता के लिए इन साधुओं की क्या कोई अहमियत नहीं है? उन्होंने इस अत्याचार का जवाब भी मांगा है। अमित मालवीय ने पालघर घटना से पुरुलिया की घटना को जोड़ा है। मालवीय ने कहा है कि ममता बनर्जी के राज में हिंदू होना अपराध है। उन्होंने ईडी टीम पर हमला करवाने वाले टीएमसी नेता शाहजहां को सुरक्षा दिए जाने का आरोप भी लगाया है और इसे साधुओं की पिटाई से जोड़ा है।
साधुओं की पुरुलिया में पिटाई के मामले में पश्चिम बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष सुकांत मजुमदार ने भी ममता पर निशाना साधा है। सुकांत ने भी इस घटना को पालघर मामले से जोड़ा है और पश्चिम बंगाल में हिंदू होने को अपराध बताया है। वहीं, टीएमसी की तरफ से ममता सरकार में मंत्री शशि पांजा ने कहा है कि साधुओं पर लोगों ने 3 लड़कियों के अपहरण का आरोप लगाकर पीटा।
