आरबीआई ने उदार रूख अपनाया, बैंक दरों को बरकरार रखा
नई दिल्ली। देश में विकास को समर्थन देने के अपने रुख को जारी रखते हुए, भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2021-22 की तीसरी मौद्रिक नीति समीक्षा के दौरान अपनी प्रमुख अल्पकालिक उधार दरों को बरकरार रखा है। इसके अलावा, आरबीआई ने उच्च खुदरा मुद्रास्फीति के स्तर के बावजूद आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विकास-उन्मुख समायोजन रुख को बरकरार रखा है।
केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने वाणिज्यिक बैंकों के लिए रेपो दर, या अल्पकालिक उधार दर को 4 प्रतिशत पर बनाए रखा है। इसी तरह, रिवर्स रेपो दर को 3.35 प्रतिशत और मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (एमएसएफ) दर और ‘बैंक दर’ को 4.25 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा गया है।
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि अर्थव्यवस्था अब दूसरी लहर के झटके से उबर रही है।
