July 14, 2026

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बिल्डर ने करोड़ों रुपए वसूल कर बदल दिया नक्शा, बिल्डर और यमुना अथॉरिटी की मनमानी से गौर यमुना सिटी में दुकान लेने वाले ग्राहक परेशान

हिंद फॉक्स न्यूज़ संवाददाता/गौतम बुध नगर :- नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बिल्डरों के बारे में आपने सुना होगा कि पैसे लेकर समय पर घर ना देना, रजिस्ट्री ना करना, ग्राहकों को पैसे लेकर लटकाए रखना, आए दिन ऐसी खबरें आती रहती हैं कुछ इसी तरीके का मामला यमुना विकास प्राधिकरण के अंतर्गत जेवर के समीप गौर यमुना सिटी में देखने को मिला है जहां करोड़ों रुपए की दुकान बेचकर बिल्डर ने रजिस्ट्री नहीं की और पजेशन देने के बाद बिना किसी नोटिस के नक्शा बदल दिया गया।

पहले भी हुए हैं अथॉरिटी और बिल्डर के बीच समझौते

आपको याद दिला दें कोर्ट के आदेश पर सुपरटेक के दो ट्विन टावर अभी जल्द ही गिराए गए थे वहां भी इसी तरीके का मामला सामने आया था जो की पार्क वाली जमीन पर बिल्डर द्वारा वह टावर खड़े कर दिए गए थे नक्शे को बदलवाकर अथॉरिटी में शॉर्ट गांठ कर बिल्डर इसी तरीके का कार्य नोएडा ग्रेटर नोएडा में करते रहते हैं। अब इस मामले में भी दुकान जिस नक्शे पर बेची गई पैसा पूरा पहुंचने के बाद वह नक्शा बदल दिया गया अथॉरिटी और बिल्डर की साथ गांठ से यह सारा कार्य चल रहा है।

बीवी के गहने गिरवी रखकर बिल्डर को पूरा भुगतान कर चुका है ग्राहक

ओमेंद्र सिंह नागर ने हमारे संवाददाता से बातचीत करते हुए बताया, ” मैंने टीन शेड में दुकान चलाई सारे जीवन मेहनत की पाई पाई जोड़कर और अपनी पत्नी के गहनों को गिरवी रखकर एक दुकान गौर यमुना सिटी में बुक की दुकान की सारी पेमेंट मैं बिल्डर को दे चुका हूं उसके बाद भी मेरी दुकान की रजिस्ट्री बिल्डर ने नहीं कराई और मेरे साथ धोखाधड़ी की क्योंकि जिस समय मुझे वह दुकान बेची गई थी उसे समय नक्शा अलग था जिसकी मेरे पास यह कॉपी है जिसमें स्टांप भी लगी हुई है गौर यमुना सिटी की और अब जब बिना रजिस्टर्ड दुकान मुझे हैंडोवर कर दी गई है तो उन्होंने बताया बिल्डर द्वारा बताया गया कि इसका नक्शा अलग है सामने जो सेटिंग एरिया था खाली एरिया था दुकान के सामने का उसमें किओस्क (यानी विपणन उद्देश्यों के लिए उच्च यातायात क्षेत्रों में उपयोग किया जाने वाला एक छोटा अस्थायी स्टैंड अलोन बूथ) अपने छोटे-छोटे बूथ देखे होंगे इस प्रकार के बूथ हमारी दुकान के बिल्कुल सामने, दुकान को ढकते हुए बिल्डर द्वारा मनमानी से लगाए जा रहे हैं और इसमें शासन और प्रशासन बिल्डर की मदद कर रहा है”।

बिल्डरों के मनमाने व्यवहार पर प्रशासन भी चुप्पी साध लेता है

ओमेंद्र सिंह नागर ने आगे बताया, ” मैं हार्ट का पेशेंट हूं और मुझे पिछले दो महीने से बिल्डर के आदमियों द्वारा निरंतर मानसिक पीड़ा व डराया धमकाया जा रहा है, जब मैं इसके खिलाफ थाने गया 420 और डराने धमकाने की F.IR करने के लिए तो प्रशासन द्वारा भी मेरी कोई सुनवाई नहीं की गई”।