May 31, 2026

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बंगाल की खाड़ी में तबाही मचाएगा तूफ़ान? 102 KM की रफ़्तार से चलेंगी तेज हवाएं

नई दिल्ली। एक तरफ उत्तर और मध्य भारत में प्रचंड गर्मी की वजह से लोग बेहाल हैं तो वहीं इस बार दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत का भी कुछ वैसा ही हाल है। कई शहरों के भीतर 48 डिग्री सेल्सियस का तापमान लोगों को झुलसा रहा है। हालांकि, इस बीच एक बड़े मौसमी बदलाव के संकेत दिखाई दे रहे हैं। बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र और अधिक तेज होने की प्रबल संभावना नजर आ रही है। इसके साथ ही मौसम वैज्ञानिक चक्रवात तूफ़ान के पैदा होने की उम्मीद लगा रहे हैं। मौसम विभाग की ओर से जो जानकारी निकलकर सामने आई है उसके मुताबिक ये चक्रवाती तूफ़ान 25 मई की शाम तक बंगाल की खाड़ी से टकरा सकता है।

अगर ये तूफ़ान टकराता है तो रविवार को 102 KM की रफ़्तार की तेज हवाएं चलेंगी। इसी के चलते IMD ने मछुआरों को चेतावनी जारी करते हुए 24 मई तक दक्षिण बंगाल की खाड़ी में, 26 मई तक बंगाल की खाड़ी में और 24 से 27 मई की सुबह तक उत्तरी बंगाल की खाड़ी में जाने से परहेज करने की एडवाइजरी जारी की है। IMD के मुताबिक इस तूफ़ान के चलते 26 और 27 मई पश्चिम बंगाल, उत्तरी ओडिशा, त्रिपुरा, दक्षिण मणिपुर, मिजोरम में भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है।

मानसून का आउटलुक-

आईएमडी के अनुसार, भारत में जून और सितंबर के बीच सामान्य मानसून का अनुभव होने की उम्मीद है।

  • देश में लंबी अवधि के औसत (एलपीए) की 102% बारिश होने की संभावना है, जो 868.6 मिमी है।
  • मध्य और पश्चिमी क्षेत्रों में सामान्य से अधिक वर्षा हो सकती है।
  • उत्तरी और दक्षिणी क्षेत्रों में सामान्य वर्षा होने की उम्मीद है।
  • भारत के पूर्वोत्तर और पूर्वी भागों में सामान्य से कम वर्षा हो सकती है।

कैसे बनता है बंगाल की खाड़ी में तूफ़ान

बंगाल की खाड़ी में समुद्र की सतह का तापमान आमतौर पर 26.5°C (79.7°F) से ऊपर होता है, जो चक्रवात बनने की सीमा है। गर्म पानी वातावरण को आवश्यक गर्मी और नमी प्रदान करते हैं, जिससे चक्रवाती गतिविधि के लिए अनुकूल वातावरण बनता है। चक्रवात अक्सर पहले से मौजूद मौसम की गड़बड़ी से बनते हैं, जैसे कम दबाव वाले क्षेत्र या उष्णकटिबंधीय लहरें।  इन विक्षोभों के कारण सतह पर नम हवा का अभिसरण होता है, जिससे हवा ऊपर उठती है और बादलों का निर्माण करती है। इसके आलावा भी कई सारे कारण इसके पीछे होते हैं।

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