ममता बनर्जी ने ऐसा क्या बोला कि नाराज हुआ संत समाज, पीएम नरेंद्र मोदी से की सख्ती बरतने की अपील
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने एक बयान के चलते अब संत समाज के निशाने पर आ गई हैं। ममता बनर्जी ने हाल ही में मुर्शिदाबाद में कहा था कि पश्चिम बंगाल में प्रभावशाली मठों रामकृष्ण मिशन और भारत सेवाश्रम संघ के कुछ संत चुनाव में दिल्ली के बीजेपी नेताओं के निर्देश पर काम कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने भारत सेवाश्रम संघ की बेलडांगा इकाई के प्रमुख स्वामी प्रदीप्तानंद उर्फ कार्तिक महाराज का जिक्र करते हुए कहा, मैं उन्हें साधु नहीं मानती। इसे लेकर पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ममता बनर्जी की आलोचना कर चुके हैं। वहीं अब संत समाज भी ममता बनर्जी का विरोध कर रहा है। आज संतों द्वारा कोलकाता में पदयात्रा मार्च भी निकालने का आह्वान किया गया है।
अखिल भारतीय संत समिति के महासचिव स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा भारत सेवाश्रम संघ, रामकृष्ण मिशन समेत सनातन हिंदू धर्म के भगवाधारी संन्यासियों के बारे में की गई अवांछित टिप्पणियां उनके राजनीतिक पतन का कारण बनेंगी। बंगाल अलौकिक भूमि है और संतों की पवित्र भूमि पर संतों को गाली देना अनुचित है। बंगाल की भूमि पर संन्यासी विद्रोह की गाथा पुन: लिखी जा रही है।
वहीं अयोध्या के हनुमानगढ़ी मंदिर के पुजारी राजू दास ने कहा कि जिस प्रकार से संत समाज को लेकर ममता बनर्जी ने टिप्पणी की ये शुद्ध रूप से तुष्टीकरण की राजनीति है। ममता का ये व्यवहार दर्शाता है कि वो संत विरोधी, सनातन विरोधी और आश्रम में हमले कराकर सिर्फ एक कौम को खुश करने का प्रयास कर रही हैं। बांग्लादेश में जो हिंदुओं का हाल है वही हाल बंगाल में ममता बनर्जी हिंदुओं का करना चाहती हैं। उन्होंने पीएम मोदी से ममता के खिलाफ सख्ती बरतने की अपील करते हुए कहा कि अगर नहीं हुआ तो बंगाल हिंदू विहीन हो जाएगा।
