हाथरस में हुई भगदड़ के 4 दिन बाद सामने आए नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा
नई दिल्ली। हाथरस में सत्संग के बाद भगदड़ की घटना हुई थी। 2 जुलाई को हुई भगदड़ में 121 लोगों की जान गई थी। ये सत्संग नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा की थी। भोले बाबा का असली नाम सूरजपाल है। घटना के बाद से ही पुलिस भोले बाबा को तलाश रही है। अब भोले बाबा न्यूज एजेंसी एएनआई के वीडियो में सामने आए हैं। भोले बाबा ने वीडियो में कहा है कि 2 जुलाई को हुई भगदड़ के बाद वो बहुत दुखी हैं। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार और प्रशासन पर भरोसा रखिए। भोले बाबा का कहना है कि उनको भरोसा है कि जिसने भी भगदड़ कराई, उनको बख्शा नहीं जाएगा।
नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा के हाथरस के सिकंदराराऊ में हुए सत्संग के लिए आयोजकों ने 80000 भक्तों के जुटने की मंजूरी एसडीएम से ली थी, लेकिन घटना के दिन सिकंदराराऊ में ढाई लाख लोग जुटे थे। जिस जगह भोले बाबा उर्फ नारायण साकार हरि का सत्संग था, वो एक खेत है और वहां काफी कीचड़ भी था। नारायण साकार हरि के सत्संग से जाने के बाद भगदड़ मची थी। नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा पर भी लोगों ने आरोप लगाया है कि उन्होंने सत्संग के बाद अपने पैरों की धूल लेने को कहा था और इसी वजह से भीड़ एकदम से भागने लगी और घटना में 121 लोगों की जान चली गई।
कार्यक्रम के मुख्य आयोजक देव प्रकाश मधुकर को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। देव प्रकाश मधुकर को भोले बाबा का खास बताया जा रहा है। घटना के बाद से वो फरार था। यूपी पुलिस ने देव प्रकाश मधुकर पर 1 लाख का इनाम घोषित किया था। देव प्रकाश मधुकर से पहले पुलिस ने घटना के संबंध में 6 लोगों को पकड़ा था। पुलिस ने मैनपुरी में भोले बाबा के आश्रम में जाकर भी छानबीन की थी, लेकिन नारायण साकार हरि वहां नहीं मिले थे। अभी ये वीडियो यूपी के मैनपुरी से जारी किया गया है। इससे पहले भोले बाबा के वकील ने कहा था कि नारायण साकार हरि यूपी में ही हैं। वो फरार नहीं हुए हैं।
