NEET UG Exam Controversy : सही जवाब तय करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने मांगी आईआईटी दिल्ली के विशेषज्ञों की राय, कल फिर होगी सुनवाई
नई दिल्ली। नीट यूजी परीक्षा विवाद मामले से जुड़ी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में फिर सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने इस मामले से जुड़ी 40 से अधिक याचिकाओं पर सुनवाई की, इनमें परीक्षा आयोजन कराने वाली सरकारी संस्था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा दायर याचिकाएं भी शामिल हैं। सीजेआई जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि अभी तक यह बात साबित नहीं हो सकी है कि नीट यूजी पेपर लीक इतना व्यापक था कि पूरे देश में फैल गया।
कुछ छात्रों ने एक ही प्रश्न के दो विकल्पों के लिए नंबर देने के एनटीए के फैसले को चुनौती दी। इस पर सीजेआई ने कहा कि एक प्रश्न के दो विकल्प सही नहीं हो सकते, या तो एक सही हो सकता है या दूसरा। इसके साथ ही सीजेआई ने आईआईटी दिल्ली से एक्सपर्ट की राय मांगी। बेंच ने आईआईटी दिल्ली के निदेशक से आज ही 3 विशेषज्ञों की कमेटी बना कर सही जवाब तय करने को कहा है और कल दोपहर 12 बजे तक जवाब मांगा है। उसके बाद सुनवाई फिर शुरू होगी।
एक याचिकाकर्ता की तरफ से वकील संजय हेगड़े ने कहा कि पेपर भले ही हजारीबाग से लीक हुआ है लेकिन इसे पटना में पकड़ा गया, इसलिए हम यह नहीं कह सकते कि पेपर और कहां-कहां से लीक हुआ है। हेगड़े ने अपनी दलील में कहा कि जब आपको कैंसर का संदेह हो और रिपोर्ट इनकन्क्लूसिव हों, तो सबसे अच्छा उपाय है कि आप कीमोथेरेपी करवाएं। आप कैंसर कोशिकाओं के बढ़ने का जोखिम नहीं उठा सकते। आज हमें नहीं पता कि सिस्टम में कैंसर के कितने सेल्स इकट्ठे हो गए हैं। सच तो यह है कि हम अभ्यर्थियों से यह नहीं कह सकते कि यह एक निष्पक्ष परीक्षा थी। क्या हम कह सकते हैं कि सभी को उतने ही अंक मिले जिनके वे हकदार थे?
