June 17, 2026

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केदारनाथ में बादल फटने से मची तबाही, हजारों श्रद्धालु फंसे, रेस्क्यू में लगी SDRF की कई टीमें

नई दिल्ली। उत्तराखंड के केदारनाथ में बादल फटने की घटना के बाद भारी संख्या में श्रद्धालु पहाड़ों के बीच फंसे हुए हैं। भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ है, जिससे रास्ते बंद हो चुके हैं और कई जगहों पर मलबा बह रहा है। इस प्राकृतिक आपदा में SDRF (State Disaster Response Force) के जवान लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे हुए हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत SDRF उत्तराखंड के जवानों ने देर रात तक मुनकटिया क्षेत्र से 450 यात्रियों को सकुशल सोनप्रयाग पहुंचाया। अब तक 2200 से अधिक यात्रियों को पैदल मार्ग से सुरक्षित निकाला जा चुका है। रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है और जवान हर संभव प्रयास कर रहे हैं कि सभी फंसे हुए यात्रियों को सुरक्षित निकाला जा सके।

मुंबई से 50 लोगों का एक ग्रुप चार धाम यात्रा पर निकला था। केदारनाथ से दर्शन करके लौटते समय सभी लोग फंस गए थे। हेलीकॉप्टर के माध्यम से इस ग्रुप के 18 लोगों को रेस्क्यू किया गया और सेरसी में रखा गया है। सेरसी हेलीपैड पर सुबह से अभी तक 300 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है। सोनप्रयाग और गौरीकुंड में फंसे लोगों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित निकाला जा रहा है, जिसमें महिलाओं और बच्चों को पहले रेस्क्यू करने की कोशिश की जा रही है।

बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग गुलाब कोटी के पास रात करीबन 9 बजे से बाधित है। इस क्षेत्र में तीर्थ यात्रियों और स्थानीय लोगों के वाहन दोनों तरफ फंसे हुए हैं। स्थानीय लोगों और तीर्थ यात्रियों ने संबंधित विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। विभाग की मशीनें सड़क से मलबा हटाने में लगी हुई थीं, लेकिन अचानक खराब हो गईं, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों में आक्रोश का माहौल बन गया है।

गुलाब कोटी-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग इस वक्त लोगों के लिए मुसीबत बन चुका है। तीर्थ यात्री और स्थानीय लोग जान जोखिम में डालकर पैदल आवाजाही कर रहे हैं। स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द ही मार्ग को साफ करने की उम्मीद जताई जा रही है ताकि यात्रियों और स्थानीय लोगों को राहत मिल सके।