May 31, 2026

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जम्मू-कश्मीर के नए डीजीपी बने नलिन प्रभात, 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी, ऐसा रहा करियर..?

जम्मू-कश्मीर पुलिस को एक नया नेतृत्व मिलने जा रहा है। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी नलिन प्रभात को जम्मू-कश्मीर का नया पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त किया गया है। वे 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और उनका कार्यकाल 30 सितंबर 2024 तक विशेष महानिदेशक (एसडीजी) के रूप में रहेगा। इसके बाद वे 1 अक्टूबर से जम्मू-कश्मीर के डीजीपी के रूप में कार्यभार संभालेंगे। नलिन प्रभात का जन्म 1968 में हिमाचल प्रदेश के मनाली के थुंगरी गांव में हुआ था। शिक्षा की शुरुआत से ही उनकी दिलचस्पी पढ़ाई में रही और उन्होंने दिल्ली के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफंस कॉलेज से बी.ए. (ऑनर्स) और एम.ए. में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद, वे भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में शामिल हुए और आंध्र प्रदेश कैडर में अपनी सेवाएं दीं। उनकी कार्यशैली और क्षमता के चलते उन्हें एजीएमयूटी (अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश) कैडर में प्रतिनियुक्त किया गया।

नलिन प्रभात का कैसा रहा करियर

नलिन प्रभात ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। वे वर्तमान में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के महानिदेशक के पद पर तैनात हैं। गृह मंत्रालय के आदेश के बाद उन्हें तुरंत एनएसजी महानिदेशक के पद से मुक्त किया गया है, ताकि वे एजीएमयूटी कैडर में शामिल हो सकें। उनका जम्मू-कश्मीर से पुराना संबंध रहा है। इससे पहले, उन्होंने जम्मू-कश्मीर में सीआरपीएफ के अतिरिक्त महानिदेशक और आईजीपी के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं। इस दौरान उन्हें प्रदेश में कानून-व्यवस्था और आतंकवाद से निपटने का व्यापक अनुभव प्राप्त हुआ।

कौन से पुरस्कार और सम्मान हुए प्राप्त

नलिन प्रभात को उनके अद्वितीय योगदान और साहसिक कार्यों के लिए कई बार सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें तीन बार वीरता के लिए पुलिस पदक, पराक्रम पदक, सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक, विशिष्ट सेवा के लिए पुलिस पदक, और आंतरिक सुरक्षा पदक (जम्मू-कश्मीर) जैसे पुरस्कारों से नवाजा गया है।

जम्मू-कश्मीर में नई उम्मीद

जम्मू-कश्मीर के लिए नलिन प्रभात कोई नया नाम नहीं है। उनके पास प्रदेश में आतंकवाद और कानून-व्यवस्था से निपटने का लंबा अनुभव है। उनकी नियुक्ति के बाद प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होने की उम्मीद है। उनके नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर पुलिस आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सकेगी।

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