शेख हसीना पर हत्या का एक और मुकदमा दर्ज, बांग्लादेश की पूर्व पीएम पर अब तक हो चुके हैं 12 केस
ढाका। बांग्लादेश से निर्वासित होकर भारत में रह रहीं पूर्व पीएम शेख हसीना के खिलाफ मुकदमों पर मुकदमे दर्ज हो रहे हैं। बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना पर अब हत्या का एक और मुकदमा दर्ज हुआ है। शेख हसीना के खिलाफ ताजा केस में आरोप लगाया गया है कि बांग्लादेश में आरक्षण विरोधी आंदोलन के दौरान 2 छात्रों की हत्या की गई। आरक्षण विरोधी आंदोलन के दौरान बांग्लादेश की राजधानी ढाका में छात्रों ने जमकर विरोध जताया था। इस दौरान ढाका के सुत्रापुर में हिंसा हुई थी। उस हिंसा में दोनों छात्रों की जान गई थी। इस केस के बाद अब शेख हसीना पर 12 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।
छात्रों की हत्या के ताजा मुकदमे में शेख हसीना के अलावा 12 अन्य का भी नाम लिया गया है। शेख हसीना पर हत्या का ये केस ढाका के मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट तोरिकुल इस्लाम के कोर्ट में किया गया है। शेख हसीना समेत अन्य पर कवि नजरूल गवर्नमेंट कॉलेज के छात्रों इकराम हुसैन कावसर और शहीद सुहरावर्दी कॉलेज के छात्र उमर फारूक की हत्या का आरोप लगाया गया है। मुकदमे में कहा गया है कि ढाका पुलिस और शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के समर्थकों ने हिंसा की। इस दौरान दो अलग-अलग घटनाओं में छात्रों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। ये मामला 19 जुलाई 2024 का बताया जा रहा है। उस तारीख को कवि नजरूल गवर्नमेंट कॉलेज और शहीद सुहरावर्दी कॉलेज के सामने छात्र प्रदर्शन कर रहे थे।
शेख हसीना पर इससे पहले हत्या के 8 मुकदमे दर्ज कराए गए थे। एक वकील ने खुद के अपहरण का केस भी शेख हसीना पर दर्ज कराया है। शेख हसीना पर नरसंहार कराने और मानवता के खिलाफ अपराध के भी मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। बांग्लादेश में आरक्षण विरोधी आंदोलन के उग्र होने के बाद 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना को पद छोड़ना पड़ा था। जिसके बाद उन्होंने भारत में शरण ली। शेख हसीना अभी भारत में ही हैं। उनके साथ छोटी बहन शेख रेहाना भी भारत आई थीं। बांग्लादेश में आरक्षण विरोधी आंदोलन के दौरान हिंसा में 230 से ज्यादा लोगों की जान गई थी।
