Agniveer Scheme: 25 फीसदी से ज्यादा अग्निवीरों को किया जा सकता है परमानेंट, मोदी सरकार ने तीनों सेनाओं से मांगी राय
नई दिल्ली। सेना के तीनों अंगों में शामिल होकर देश की रक्षा कर रहे अग्निवीरों के बारे में अहम खबर आई है। मीडिया ने वायुसेना प्रमुख एपी सिंह के हवाले से खबर दी है कि मोदी सरकार 25 फीसदी से ज्यादा अग्निवीरों को सेना में परमानेंट करने पर विचार कर रही है। खबरों के मुताबिक मोदी सरकार ने तीनों सेनाओं के प्रमुखों से ये जानकारी मांगी है कि क्या वे 25 फीसदी से ज्यादा अग्निवीरों को परमानेंट कर सकते हैं या नहीं? वायुसेना प्रमुख ने कहा है कि सेना के तीनों प्रमुख इस बारे में जल्दी ही अपनी राय सरकार को देंगे। ऐसे में माना जा रहा है कि सरकार अग्निवीरों को स्थायी करने के बारे में आने वाले वक्त में फैसला कर सकती है।
अग्निवीरों की संख्या की बात करें, तो 2022 में अग्निपथ योजना लाए जाने के बाद तीनों सेनाओं में 50000 की भर्ती हो चुकी है। और भी अग्निवीरों की भर्ती का काम लगातार जारी है। कोरोना काल में सेना में भर्ती बंद हो गई थी। इसकी वजह से जवानों के काफी पद खाली हैं। अग्निवीर भर्ती योजना के बारे में विपक्ष लगातार मोदी सरकार पर हमलावर रहा है कि वो सिर्फ 4 साल के लिए ही युवाओं को सेना से जोड़ रही है और पेंशन बचाना चाहती है। वहीं, पीएम नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का कहना है कि अग्निवीर योजना पर विपक्ष जनता में झूठ परोस रहा है और सेना को युवा बनाने के लिए ये योजना लाई गई।
मोदी सरकार ने अग्निवीरों की भर्ती के लिए जो नियम बनाए थे, उसके तहत 25 फीसदी को ही सेना में परमानेंट किया जाना था। इसके खिलाफ भी बहुत आवाजें उठीं। इसके बाद मोदी सरकार और तमाम राज्य सरकारों ने एलान किया कि वे रिटायर होने वाले अग्निवीर को केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और पुलिस में भर्ती करेंगे। अब अगर सेना में ही 25 फीसदी से ज्यादा अग्निवीरों को परमानेंट करने का फैसला हुआ, तो ये उनके भविष्य के लिए अहम फैसला होगा। सेना में 2022 में जो अग्निवीर शामिल हुए थे, उनका रिटायरमेंट 2026 में होना है।
