शिमला की संजौली मस्जिद मामले में मुस्लिम पक्ष अड़ा, अवैध निर्माण गिराने का आदेश होने पर किया ये फैसला
शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली मस्जिद का विवाद अब ऊंची अदालत तक जाने वाला है। संजौली मस्जिद के ऊपर के 3 फ्लोर गिराने का आदेश शिमला के नगर आयुक्त कोर्ट ने दिया था। नगर आयुक्त कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष से कहा था कि 1 महीने में संजौली मस्जिद के ऊपर के तीन अवैध फ्लोर गिरा दिए जाएं। अब मुस्लिम पक्ष ने शिमला नगर आयुक्त के संजौली मस्जिद के फ्लोर गिराने के आदेश को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में चुनौती देने का फैसला किया है।
संजौली की मस्जिद के अवैध निर्माण के खिलाफ शिमला में लोग उठ खड़े हुए थे। हिंदू संगठनों ने संजौली मस्जिद के अवैध निर्माण को गिराने की मांग करते हुए जमकर प्रदर्शन किया था। उस दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल और लाठीचार्ज किया था। जिसके कारण लोग और भड़के थे। पुलिस ने आरोप लगाया था कि संजौली मस्जिद का विरोध करने वालों ने पथराव किया। आंदोलन के बाद हिमाचल प्रदेश के मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बयान दिया था कि जांच के बाद अगर संजौली की मस्जिद में अवैध निर्माण पाया गया, तो उसे गिराया जाएगा। अब संजौली मस्जिद के अवैध हिस्से को गिराने के आदेश के खिलाफ मुस्लिम पक्ष हाईकोर्ट जा रहा है।
संजौली की मस्जिद के अलावा हिमाचल प्रदेश के मंडी में भी अवैध मस्जिद का मामला उठा था। वहां भी हिंदू संगठनों ने जमकर प्रचार किया था। विरोध जताने वालों का ये भी आरोप है कि हिमाचल प्रदेश में बाहर से आकर दूसरे संप्रदाय के लोग बस रहे हैं। हिंदू संगठन ने अब आंदोलन को और धार देने के तहत शिमला में व्यापार करने वालों को ‘सनातनी दुकानदार’ का बोर्ड बांटना भी शुरू किया है। कुल मिलाकर संजौली की मस्जिद का मसला अभी शांत होता नहीं दिख रहा। अब सबकी नजर इस पर है कि मुस्लिम पक्ष के हाईकोर्ट जाने के फैसले के बाद हिंदू संगठनों का अगला कदम क्या रहता है?
