इन दो वजहों से उद्धव ठाकरे और कांग्रेस में मची है सीटों की खींचतान, सबकी नजर अब शरद पवार पर
मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए महाविकास अघाड़ी में सीटों के बंटवारे पर पेच फंसा है। कांग्रेस जहां अपनी मांग पर अभी अडिग है। वहीं, उद्धव ठाकरे भी कदम पीछे लेने को तैयार नहीं हैं। कांग्रेस और उद्धव के बीच मामला 100 से ज्यादा का फंसा हुआ है। ये 100 से ज्यादा का मामला सीटों का है। सूत्रों के मुताबिक उद्धव ठाकरे अपनी शिवसेना-यूबीटी के लिए 100 से ज्यादा सीट मांग रहे हैं। वहीं, कांग्रेस भी 110 सीट पर अपने प्रत्याशियों को महाराष्ट्र विधानसभा का चुनाव लड़ाना चाह रही है।
इसके अलावा मुंबई और विदर्भ इलाके की सीटों के मुद्दे पर भी उद्धव ठाकरे और कांग्रेस के बीच ठनी है। मीडिया की खबरों के मुताबिक विदर्भ इलाके की विधानसभा सीटों पर कांग्रेस ने दावा ठोक रखा है। लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के 10 उम्मीदवार विदर्भ इलाके की सीटों पर उतारे गए थे। इनमें से 5 ने जीत दर्ज की थी। कांग्रेस इसी बिनाह पर विदर्भ इलाके में ज्यादा सीटों का हिस्सा मांग रही है। वहीं, उद्धव ठाकरे भी विदर्भ की सीटों पर समझौता न करने के मूड में दिख रहे हैं। उद्धव ठाकरे और कांग्रेस के बीच ऐसा पेच फंसा है कि दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में महाराष्ट्र के लिए प्रत्याशी तक की लिस्ट फाइनल नहीं हो सकी। हालांकि, कांग्रेस का कहना है कि वो 25 अक्टूबर को महाराष्ट्र के लिए प्रत्याशियों की लिस्ट जारी करेगी।
कांग्रेस और उद्धव ठाकरे के बीच सीटों के बंटवारे पर मची खींचतान को सुलझाने का जिम्मा शरद पवार को दिया गया है। शरद पवार से कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य नसीम खान और उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे ने मुलाकात भी की थी। उद्धव के करीबी संजय राउत भी शरद पवार से मिल चुके हैं। कांग्रेस के बड़े नेता बालासाहेब थोराट ने भी शरद पवार से मुलाकात की है। अब सबकी नजर इस पर है कि कांग्रेस और उद्धव ठाकरे के बीच सीटों की जंग को वो सुलझा पाते हैं या महाविकास अघाड़ी में शामिल दल महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में अलग-अलग राह पर चलते हैं।
