June 18, 2026

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संसद की पीएसी के सामने क्यों पेश हो रहीं सेबी चीफ माधवी पुरी बुच?, जानिए पूरा मसला

नई दिल्ली। शेयर बाजार रेगुलेटर सेबी की चीफ माधवी पुरी बुच को आज संसद की पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (पीएसी) यानी लोक लेखा समिति के सामने पेश होना है। माधवी पुरी बुच से संसद की पीएसी में सवाल-जवाब होंगे। संसद की पीएसी के अध्यक्ष कांग्रेस के सांसद केसी वेणुगोपाल हैं। बीजेपी के सांसद निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया है कि पीएसी अध्यक्ष सेबी प्रमुख माधवी पुरी बुच के खिलाफ अपने राजनीतिक हित के कारण गैर निष्पक्ष रुख अपना सकते हैं। ऐसे में पीएसी की बैठक में हंगामा होने के भी आसार दिख रहे हैं।

कांग्रेस समेत विपक्षी दल लगातार मांग करते रहे हैं कि माधवी पुरी बुच को सेबी प्रमुख के पद से हटाया जाए। वहीं, बीते दिनों एक सरकार जांच कमेटी ने माधवी पुरी बुच को सभी आरोपों में निर्दोष भी बताया गया है। इससे पहले अमेरिका के शॉर्ट सेलर हिंडेनबर्ग रिसर्च ने आरोप लगाया था कि माधवी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच का निवेश विदेश की उस कंपनी में था, जिसका इस्तेमाल अडानी ग्रुप के शेयर के दाम बढ़ाने में किया गया।

हिंडेनबर्ग रिसर्च ने आरोप लगाया था कि इसी वजह से सेबी प्रमुख माधवी पुरी बुच ने अडानी मामले की जांच में दिलचस्पी नहीं ली। वहीं, हिंडेनबर्ग के आरोपों पर माधवी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच ने जवाब में कहा था कि सारे आरोप बेबुनियाद हैं और उनका वित्तीय लेन-देन खुली किताब की तरह है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के बनाई एक कमेटी पहले ही इस मामले में अडानी ग्रुप पर लगे आरोपों को गलत बता चुकी है।

माधवी पुरी बुच और धवल बुच ने अपने बयान में ये भी कहा था कि हिंडेनबर्ग रिसर्च के खिलाफ सेबी ने प्रवर्तन कानूनों के तहत कार्रवाई की है। सेबी प्रमुख और उनके पति ने कहा था कि ये दुर्भाग्य की बात है कि कारण बताओ नोटिस के जवाब में हिंडेनबर्ग रिसर्च ने उनके चरित्र हनन की कोशिश की। माधवी पुरी बुच और धवल बुच ने अपने बयान में ये भी साफ किया था कि पिछले कुछ साल में सेबी को उन्होंने सभी वित्तीय रिकॉर्ड दिए हैं। दोनों ने अपने बयान में कहा था कि वे तब के दस्तावेज भी सक्षम प्राधिकारी को दे सकते हैं, जब वे महज नागरिक थे।