हिंदुओं के लिए सनातन बोर्ड बनाने की मांग ने पकड़ा जोर, पवन कल्याण के बाद अब त्रिपुरा के मंत्री भी पक्ष में उतरे
अगरतला। एक तरफ वक्फ बोर्ड संबंधित बिल पर जेपीसी में चर्चा हो रही है और जमीनों पर अपना दावा जताने के उसके कदम पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं, अब देश में सनातन बोर्ड बनाने की मांग भी लगातार जोर पकड़ रही है। त्रिपुरा सरकार में मंत्री सुधांशु दास ने सनातन बोर्ड बनाने की मांग की है। सुधांशु दास ने कहा कि जब मुस्लिम समुदाय के लिए वक्फ बोर्ड है, तो हमारे सनातन धर्म के लिए कोई बोर्ड क्यों नहीं है। त्रिपुरा के मंत्री ने कहा कि हमारे सनातन धर्म और मंदिरों की रक्षा के लिए एक बोर्ड की हमारी मांग है। उन्होंने तिरुपति के लड्डू प्रसादम मामले का हवाला दिया और कहा कि ऐसी ही वजहों से सनातन बोर्ड होना चाहिए।
बता दें कि इससे पहले आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम पवन कल्याण ने भी सनातन बोर्ड बनाने की मांग की थी। पवन कल्याण ने उस वक्त सनातन बोर्ड बनाने की मांग रखी थी, जब तिरुपति के तिरुमला वेंकटेश्वर मंदिर में लड्डू प्रसादम में जानवरों की चर्बी मिलाए जाने का आरोप सीएम चंद्रबाबू नायडू ने लगाया था। पवन कल्याण की तरफ से सनातन बोर्ड बनाने की मांग के बाद से लगातार हिंदुओं के मंदिरों को भी सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने के लिए केंद्र के स्तर पर कानून बनाने की मांग की जा रही है।
बता दें कि देश के तमाम प्रमुख मंदिर सरकारी नियंत्रण में हैं। इससे इन मंदिरों में दान से जो भी आता है, उसका हिस्सा सरकार के पास भी जाता है। जबकि, मुस्लिमों के किसी भी धार्मिक स्थल पर सरकारों का नियंत्रण नहीं है। नतीजे में उनको जो फंड मिलता है, उसे वे अपनी मर्जी से खर्च कर सकते हैं। पहले पवन कल्याण और अब त्रिपुरा के मंत्री की तरफ से सनातन बोर्ड बनाने की मांग के बाद लग रहा है कि आने वाले दिनों में इसका मुद्दा और जोर पकड़ सकता है। वहीं, मुस्लिम संगठन और उनके धर्मगुरु लगातार ये कह रहे हैं कि वक्फ बोर्ड की शक्तियों में कोई कटौती उनको मंजूर नहीं होगी। जबकि, बीजेपी के नेता लगातार बयान देकर वक्फ बोर्ड की तरफ से कब्जाई जा रही जमीनों का मुद्दा उठा रहे हैं।
