April 20, 2026

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महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस की होगी ताजपोशी या फिर से चौंकाएगी बीजेपी, सस्पेंस बरकरार

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री के नाम को लेकर मंथन जारी है। यूं तो एकनाथ शिंदे के द्वारा सीएम पद  पर अपनी दावेदारी से हटने के बाद बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस का नाम ही नए मुख्यमंत्री के रूप में लिया जा रहा है मगर इस पर अभी सस्पेंस बना हुआ है। एकनाथ शिंदे, अजित पवार और देवेंद्र फडणवीस की आज दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक होनी है, जिसमें मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मोहर लगेगी। सवाल यह है कि क्या बीजेपी देवेंद्र फडणवीस को सीएम बनाएगी या फिर दूसरे राज्यों की तरह यहां भी किसी नए चेहरे को मुख्यमंत्री बनाकर सबको चौंका देगी।

बीजेपी ने साल 2014 के महाराष्ट्र चुनाव नतीजों के बाद देवेंद्र फडणवीस को सीएम बनाने की घोषणा करके सबको अचंभित कर दिया था। सीएम पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे नितिन गडकरी और विनोद तावड़े जैसे बड़े नामों को बीजेपी ने किनारे करते हुए एक नए चेहरे को मौका दिया था। पिछले साल 2023 में राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में हुए विधानसभा चुनावों के बाद भी बीजेपी ने सीएम के लिए ऐसे लोगों को चुना जिनका नाम इस रेस में कहीं नहीं था।

राजस्थान में वसुंधरा राजे और किरोड़ी लाल मीणा जैसे दिग्गज नेताओं की जगह बीजेपी ने पहली बार विधायक चुने गए भजन लाल शर्मा को सीएम बना दिया। इसी तरह मध्य प्रदेश में सत्ता में वापसी के साथ शिवराज सिंह चौहान की जगह मोहन यादव के हाथ प्रदेश की कमान सौंप दी। जबकि छत्तीसगढ़ में बीजेपी की जीत के बाद रमन सिंह और अरुण साव को सीएम बनाए जाने की चर्चा के बीच बीजेपी ने यहां भी सबको अचंभित करते हुए विष्णुदेव साय को सीएम बना दिया।

इसी तरह 2014 में हरियाणा के विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद अनिल विज जैसे बड़े नाम की जगह बीजेपी ने मनोहर लाल खट्टर को सीएम बनाकर सबको चौंका दिया था। 2017 में यूपी, उत्तराखंड और हिमाचल विधानसभा चुनाव के बाद भी बीजेपी ने कुछ ऐसा ही किया था। यूपी में जहां मनोज सिन्हा, केशव प्रसाद मौर्य को सीएम पद का दावेदार माना जा रहा था तो बीजेपी ने योगी आदित्यनाथ को सत्ता सौंपकर सबको अचंभित कर दिया। वहीं उत्तराखंड में रमेश पोखरियाल निशंक, बीसी खंडूरी और भगत सिंह कोश्यारी की जगह त्रिवेंद्र रावत को मुख्यमंत्री बनाया था। इसी तरह हिमाचल में प्रेम कुमार धूमल, जेपी नड्डा जैसे बड़े चेहरों को दरकिनार करते हुए जयराम ठाकुर को सीएम पद के लिए चुना था।