टीसीएस के बाद अब विप्रो के दफ्तर में धर्मांतरण के दबाव का आरोप, पुणे पुलिस कर रही जांच
पुणे। महाराष्ट्र के नासिक स्थित टीसीएस के बाद अब राज्य के पुणे में विप्रो के दफ्तर में धर्मांतरण कराने और उत्पीड़न का आरोप लगा है। पुणे स्थित विप्रो दफ्तर में पहले काम करने वाली महिला ने आरोप लगाया है कि नौकरी के वक्त उसका धर्म के आधार पर उत्पीड़न किया गया। इसके अलावा धर्मांतरण करने के लिए दबाव बनाया गया। जब उसने ऐसा नहीं किया, तो इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया।
महिला की शिकायत पर पुणे के हिंजेवाड़ी थाने में केस दर्ज कर विप्रो को नोटिस भेजा गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुणे पुलिस ने इस मामले में नासिक पुलिस से संपर्क भी साधा है। ताकि इस मामले में जांच के तौर-तरीकों को समझा जा सके। पुणे पुलिस अब विप्रो की पूर्व कर्मचारी की तरफ से दिए गए सबूतों, विप्रो के भीतर हुई बातचीत, ई-मेल, आंतरिक तौर पर की गई शिकायतों और आरोपी कर्मचारियों के बारे में जांच कर रही है। इस बारे में अब तक विप्रो की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। पुणे पुलिस ने कहा है कि जांच के बाद आरोपों की हकीकत के बारे में वो जानकारी साझा करेगी।
विप्रो से पहले नासिक स्थित टाटा ग्रुप की कंपनी टीसीएस की यूनिट में कई कर्मचारियों ने धर्मांतरण के लिए दबाव डाले जाने, यौन उत्पीड़न वगैरा की शिकायत की थी। जिसकी जांच के लिए नासिक पुलिस ने एसआईटी बनाई और निदा खान समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। नासिक पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद अपने कुछ महिला कांस्टेबलों को सफाई कर्मचारियों के तौर पर टीसीएस के दफ्तर में काम दिलाया था। जहां उन्होंने छानबीन की और आरोप सही लगने के बाद पुलिस की कार्रवाई हुई। नासिक पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ नौ एफआईआर दर्ज की थीं। अब विप्रो के दफ्तर में भी धर्मांतरण के लिए दबाव, भेदभाव और यौन उत्पीड़न का आरोप लगने से टेक क्षेत्र में कामकाज के तरीकों पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, पुलिस की जांच ही बताएगी कि आरोप सही हैं या नहीं।
